पाकिस्तानी मैडम-एन के बारे में ख़बर है कि वह भारत के युवाओं को लालच देकर अपने देश का जासूस बना रही है।
टीम डायरी
पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पिछले महीने ज्योति मल्होत्रा नाम की एक महिला पकड़ी गई। वह हरियाणा की रहने वाली है। यूट्यूब पर पर्यटन स्थलों के वीडियो बनाकर डालती है। उसी से कमाई करती है। इसी सिलसिले में वह पाकिस्तान भी जा चुकी है। फिलहाल जेल में है। सोमवार, नौ जून को ही अदालत ने उसकी न्यायिक हिरासत 23 जून तक के लिए बढ़ा दी है। इसी तरह, पंजाब का एक युवक भी पकड़ा गया है। उसका नाम जसबीर है। वह भी ज्योति मल्होत्रा की तरह यूट्यूब पर वीडियो बनाकर कमाई करता है। इसी दौरान पाकिस्तान के लिए जासूसी भी करने लगा, लेकिन अब उसका भांडा फूट गया। वह भी सलाखों के पीछे है।
सिर्फ़ ये दो ही नहीं, इस तरह के और भी कई लोगों की देश के अलग-अलग जगहों से ग़िरफ़्तारियाँ हुईं हैं। सभी पर देश के साथ गद्दारी करने के आरोप हैं। भारत से जुड़ीं महत्त्वपूर्ण, संवेदनशील सूचनाएँ पाकिस्तान तक पहुँचाने का ये लोग माध्यम बने हुए थे। और यह सब किसलिए? चन्द पैसों के लिए। इन लोगों के मामलों की जाँच के दौरान पता चला है कि पाकिस्तान में ट्रेवल एजेन्सी चलाने वाली एक महिला नोशाबा शहज़ाद भारत के उन युवाओं को ख़ास तौर पर जासूसी के लिए बरगलाने का काम कर रही है, जो यूट्यूब जैसे मंचों पर सक्रिय हैं। इस महिला को ‘मैडम-एन’ के नाम से भी जाना जाता है। इसी तरह, पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त की पुलिस के पूर्व अफसर नासिर ढिल्लों का भी नाम आया है। वह भी मैडम ‘एन’ की तरह भारत में पाकिस्तानी जासूसों की फौज़ बनाने में लगा है।
इन दोनों की जानकारियाँ सामने आने के बाद भारतीय युवाओं को ख़ासकर, सावधानी यह बरतने की सलाह दी जा रही है कि ‘मैडम-एन’ जैसे पाकिस्तानियों से सतर्क रहें। ये सोशल मीडिया जैसे तमाम मंचों का इस्तेमाल कर किसी को कभी भी, अपने जाल में फँसा सकते हैं। लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या सच में ‘मैडम-एन’ जैसों से ही सावधान रहने की ज़रूरत है? या फिर अपने ख़ुद के ‘सर-जी’ से अधिक सचेत रहना चाहिए? हाँ, क्योंकि ‘मैडम-एन’ तो बाहर कहीं दूर बैठी हुई है। जबकि ‘सर-जी’ तो एकदम पर हमारे पास ही है। ‘सर-जी’ मतलब ‘सर-ग्रीड’ या हिन्दी में कहें ताे ‘लालच-महोदय’। क्या ऐसा नहीं लगता कि ‘लालच-महोदय’ वास्तव में ‘मैडम-एन’ से ज़्यादा घातक हैं? सोचिएगा, इस पर। क्योंकि ‘लालच-महोदय’ ही हैं, जो अक़्सर किसी को जेल की सैर करा देते हैं।
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