प्रतीकात्मक तस्वीर
टीम डायरी
ख़ूबसूरत सभी लोग दिखना चाहते हैं। हमेशा युवा दिखने की इच्छा भी सब में होती है। इस चक्कर में दुनियाभर में एंटी-एजिंग अर्थात् बढ़ती उम्र को रोकने और उसे पीछे धकेलने के लिए तमाम प्रयोग चल रहे हैं। वैज्ञानिकों ने कथित तौर पर उस प्रणाली का भी पता लगा लिया है, जिससे शरीर की उम्र बढ़ती है। इसके अगले चरण में अब क़वायद यह हो रही है कि उम्र बढ़ाने वाली इस प्रणाली पर मानवीय नियंत्रण स्थापित कर लिया जाए। जिससे कि जब भी किसी को ज़रूरत हो, कोई इच्छा जताए, तो उसके लिए उसकी उम्र पीछे की जा सके।
इसी क्रम में प्रौद्योगिकी जगत के एक जाने-माने कारोबारी ब्रयान जॉन्सन तो हर साल 20 लाख डॉलर तक ख़र्च कर रहे हैं। वह अपने ऊपर प्रयोग करा रहे हैं, ताकि हमेशा जवान रह सकें। कभी बूढ़े न हों। मतलब उनकी उम्र बढ़े, लेकिन शरीर हमेशा युवा रहे। हालाँकि उनका, यह ज़ोखि़म भरा कारनामा उन्हें काफ़ी महँगा पड़ रहा है, यह भी वह स्वीकार कर चुके हैं। फिर भी दुनिया में इस तरह का बहुत कुछ चल ही रहा है।
अलबत्ता, इस सबके बीच अमेरिका के कैलीफोर्निया में स्थित स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ डॉक्टर डेविड फरमन में बहुत आसान सा रास्ता दिखा दिया है। इसमें किसी को कोई अधिक पैसा ख़र्च नहीं करना होगा। प्रयोग के लिए अपने या किसी भी अन्य जीव के शरीर के साथ कोई छेड़-छाड़ नहीं करनी होगी। बल्कि इन सब चीजों की बड़ी मात्रा में बचत ही होगी। इसके लिए करना क्या होगा? वह जीवनशैली अपनानी होगी, जो भारत में सदियों पहले अपनाई जाती रही है। प्रकृति के साथ, प्रकृति के बीच और प्रकृति के लिए जीने की जीवनशैली।
डॉक्टर फरमन ने ख़ुद पर यह प्रयोग करके इस बात को साबित भी किया है। वह क़रीब तीन साल पूरे परिवार के साथ जंगल में कुटिया जैसा घर बनाकर रहे। वहाँ बिजली, फोन, इन्टरनेट, बाहरी भोजन-पानी, तेल-मसाला, आदि किसी भी तरह का कोई इन्तिज़ाम नहीं किया। जो जंंगल में मिला, वह पकाकर खाया। जो साफ़ पानी मिला, उसे पिया। मोेमबत्ती से रात को रोशनी की, वह भी थोड़ी देर के लिए। अँधेरा घना होते ही सोए और सुबह की पहली झलक मिलते ही उठे इस तरह की दिनचर्या का उन्होंने परिवार के सब सदस्यों के साथ अनुशासन से पालन किया। इसका नतीज़ा यह हुआ कि उनके शरीर की उम्र तीन साल में ही 10 साल कम हो गई।
डॉक्टर फरमन ने जब यह प्रयोग शुरू किया, तब उनकी उम्र थी 39 साल, लेकिन शरीर की उम्र हो चुकी थी 42 वर्ष। वहीं प्रयोग के तीन सालों बाद उनकी उम्र तो हुई 42 बरस, लेकिन शरीर की उम्र घटकर हो गई 32 साल। है न कमाल? भारतीय दर्शन, जीवनशैली और संस्कारों में इस तरह के कमाल के नुस्ख़े सदियों, सहस्राब्दियों से मौज़ूद हैं। आजमाकर देख लीजिए। पश्चिम का अन्धानुकरण करना ख़ुद ही छोड़ देंगे।
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