प्रतीकात्मक तस्वीर
पवन जैन ‘घुवारा’, टीकमगढ़, मध्य प्रदेश
रोज होने वाली ‘वित्तीय मानसिक हिंसा’ से आम आदमी को कब मुक्ति मिलेगी? यह प्रश्न आज हर जागरूक नागरिक के मन में उठता है। और यह ‘वित्तीय मानसिक हिंसा’ क्या है? ऋण देने वाली एजेंसियों के रोज-रोज दिन में 5-10 बार आने वाले अवांछित फोन कॉल। वे दिन-रात मोबाइल पर ऋण प्रस्ताव भेजते हैं। पेशकश करते हैं, “बस एक दस्तावेज़ दीजिए और आज ही राशि प्राप्त कीजिए…”, “आपका ऋण पहले से स्वीकृत है, बस अन्तिम चरण बाकी है…”, आदि।
अहम बात यह कि इन कॉल्स को ठुकराने पर भी चैन नहीं मिलता। एक नम्बर बन्द किया, तो दूसरे नम्बर से फोन आने लगता है। इससे बचने के लिए ‘कृपया मुझे परेशान न करें’ सेवा (डीएनडी) सक्रिय करने के बाद भी कॉल्स आती रहती हैं। ऐसे में यह ‘वित्तीय मानसिक हिंसा’ ही हुई न? नहीं तो फिर क्या है यह? कभी सरकारी बैंक से तो ‘तत्काल ऋण की सुविधा’ का फोन नहीं आता? जबकि निजी बैंकों की ओर से आने वाले फोन के लिहाज से एक भी दिन छूटता नहीं। क्यों और कैसे? यह प्रश्न अब केवल विचार का विषय नहीं रहा। अधिकांश लोगों का वास्तविक अनुभव बन चुका है।
प्रश्न यह भी है कि हमारा मोबाइल नम्बर, नाम और अन्य निजी जानकारी इन लोगों को कहाँ से प्राप्त होती हैं? क्या कोई संगठित तंत्र इसके पीछे काम कर रहा है? ऐसा, जो विभिन्न माध्यमों से हमारे निजी विवरण एकत्र करता हैं। फिर उन्हें खुले बाजार में बेच देता है? ऐसा, जो आम ग्राहक को एक ‘लाभदायक अवसर’ के रूप में देखता है और उससे जुड़ी निजी जानकारियों को ‘मूल्यवान वस्तु’ मानकर नीलाम करता है? इन सवालों के जवाब हमें मिलने चाहिए।
भारत सरकार ने वर्ष 2023 में ‘डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक’ पारित किया था। इसके अनुसार, किसी भी संस्था को व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी व्यक्तिगत जानकारियाँ उपयोग करने का अधिकार नहीं है। मगर व्यवहार में यह विधेयक कहाँ है? क्या यह सिर्फ कागजों की शोभा बढ़ाने के लिए बनाया गया है? क्योंकि न तो कॉल्स रुके हैं, न ‘डेटा की दलाली’ थमी है। नागरिकों की निजता मात्र एक हास्यास्पद अवधारणा बनी हुई है। यह चिन्ताजनक है।
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(पवन जैन ‘घुवारा’, मूल रूप से बुन्देलखण्ड के टीकमगढ़ जिले के सक्रिय सामाजिक तथा राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। जनसामान्य से जुड़े मसलों पर वह लगातार आवाज बुलन्द करते रहते हैं। उन्होंने उक्त विचार #अपनीडिजिटलडायरी को व्हाट्स एप के जरिए भेजे हैं।)
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