अभी दो रोज़ पहले संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा के अन्तिम नतीज़े आए हैं। इन नतीज़ों के बाद से सफल अभ्यर्थियों की तमाम कहानियाँ…
View More इस बार संघ लोकसेवा आयोग के नतीज़ों से निकलीं प्रेरक कहानियाँ भूलिएगा मत!Author: Neelesh Dwivedi
चन्द लाइनें, जो होंठों पर मुस्कुराहट ला देंगी
आवाज़ मद्धम है, तो शायद थोड़ा ज़ोर लगे सुनने में। लाइनें भी चन्द ही हैं। इसलिए वक़्त एक मिनट से भी कम का लगेगा। लेकिन…
View More चन्द लाइनें, जो होंठों पर मुस्कुराहट ला देंगीशहरों में किरदार, किरदारों में शहर रहते हैं, हमने सुना है….
सोहबत अपना असर दिखाती ही है जनाब। माहौल भी पुरअसर हुआ करता है। अब देखिए न, अभी 20 मई को, शनीचर की रोज़ शहर भोपाल…
View More शहरों में किरदार, किरदारों में शहर रहते हैं, हमने सुना है….छोटे-छोटे बच्चे हाईपर-टेंशन के शिकार हो रहे हैं, उसके ज़िम्मेदार हम हैं!
अभी 17 मई को विश्व हाईपर-टेंशन दिवस था। हाईपर-टेंशन, मतलब किसी व्यक्ति में तनाव, चिन्ता आदि का वह स्तर कि उससे उसका ब्लड-प्रेशर बढ़ जाए।…
View More छोटे-छोटे बच्चे हाईपर-टेंशन के शिकार हो रहे हैं, उसके ज़िम्मेदार हम हैं!आख़िर क्यों बाज़ार में खड़ी कोई कम्पनी कभी भी, ‘परिवार’ नहीं हो सकती?
इस, 15 मई को ‘परिवारों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस’ (इंटरनेशनल डे ऑफ फैमिलीज़) मनाया गया। वैसे, इसके अलावा भी एक ‘परिवार दिवस’ यानि ‘फैमिली डे’ मनाया…
View More आख़िर क्यों बाज़ार में खड़ी कोई कम्पनी कभी भी, ‘परिवार’ नहीं हो सकती?आज के ‘रैपर्स’ और उनके चाहने वालों को शास्त्रीय संगीत का ये ‘रैप’ ज़रूर सुनना चाहिए
मौज़ूदा दौर के संगीत की दुनिया में एक लोकप्रिय शैली हुआ करती है ‘रैप’। यानी जिसमें निश्चित लय पर कुछ बोल रखे जाते हैं। ये…
View More आज के ‘रैपर्स’ और उनके चाहने वालों को शास्त्रीय संगीत का ये ‘रैप’ ज़रूर सुनना चाहिएभगवान किसी निरीह जानवर पर इंसानों के ऐसे प्रयोग न कराएँ, या फिर ऐसे कहें कि…
बात समझ नहीं आती। हम इंसान जानवरों से भी स्नेह का व्यवहार रखने की बातें खूब किया करते हैं। कुछ ख़ास-ओ-आम जन तो जानवरों के…
View More भगवान किसी निरीह जानवर पर इंसानों के ऐसे प्रयोग न कराएँ, या फिर ऐसे कहें कि…हँसी-खुशी का मनोविज्ञान हर मन समझता है, पेड़-पौधों का मन भी और…!
जानते सब हैं। मानते कुछ लोग हैं। और पालन कम लोग ही करते हैं। अच्छी बातों के लिए यह एक सर्वमान्य सा तथ्य है। शायद…
View More हँसी-खुशी का मनोविज्ञान हर मन समझता है, पेड़-पौधों का मन भी और…!सक्षम होने पर समाज को कुछ लौटाने के लिए स्कूल-अस्पताल बनवाकर देना बेहतर विचार है
राजस्थान का मामला है। अभी आठ मई को देशभर की सुर्खियों में आया। अपनी संस्कृति, परम्पराओं, महलों, किलों, और दूर तक फैले रेगिस्तान के लिए…
View More सक्षम होने पर समाज को कुछ लौटाने के लिए स्कूल-अस्पताल बनवाकर देना बेहतर विचार हैबुद्ध के आनन्द ने राजकुमारों से पहले एक नाई की प्रव्रज्या क्यों कराई?
तथागत बुद्ध के शिष्यों में आनन्द प्रमुख थे। तथागत के सभी शिष्यों में आनन्द को ही भगवन् का सामिप्य सबसे अधिक प्राप्त था। यह आनन्द…
View More बुद्ध के आनन्द ने राजकुमारों से पहले एक नाई की प्रव्रज्या क्यों कराई?