“यह ठीक नहीं है, मास्टर!” सुशीतल की ऊँची होती आवाज में चिड़चिड़ापन था, “ये नहीं हो सकता।” “वे दोनों अलग-अलग चीजें हैं भाँजे।” “अंबा को…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : अहंकार से ढँकी आँखों को अक्सर सच्चाई नहीं दिखतीAuthor: Neelesh Dwivedi
‘मायावी अंबा और शैतान’ : ये किसी औरत की चीखें थीं, जो लगातार तेज हो रही थीं
लेकिन रोजी मैडबुल की किस्मत भी जोरदार थी। दूर-दराज के होरी पर्वतीय इलाके में जहाँ उसे सजा के तौर पर तैनात किया गया, वहाँ जमीन…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : ये किसी औरत की चीखें थीं, जो लगातार तेज हो रही थींसब्जेक्ट से प्यार कीजिए, सक्सेस ख़ुद पीछे-पीछे आएगी
अभी चन्द रोज पहले की बात है। यू-ट्यूब पर देश के ख्यात बाँसुरी-वादक पंडित रोनू मजूमदार जी का एक साक्षात्कार सामने आया। अरविन्द पारिख जी…
View More सब्जेक्ट से प्यार कीजिए, सक्सेस ख़ुद पीछे-पीछे आएगी‘मायावी अंबा और शैतान’ : मैडबुल को ‘सामाजिक कार्यकर्ताओं’ से सख्त नफरत थी!
वैसे, कुछ लोग कहा करते थे कि बैकाल जेल वास्तव में पूरी जेल-व्यवस्था का नियंत्रण तंत्र है। यहाँ दूसरी जगहों से भी तमाम खतरनाक कैदी…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : मैडबुल को ‘सामाजिक कार्यकर्ताओं’ से सख्त नफरत थी!‘मायावी अंबा और शैतान’ : देश को खतरा है तो हबीशियों से, ये कीड़े-मकोड़े महामारी के जैसे हैं
“उसने शिकायत की है कि तुम्हारे आदमियों ने उस पर बे-इंतिहा ज़ुल्म किए हैं और ये सब तुम्हारी जानकारी में है।” “सब मनगढंत बातें हैं।”…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : देश को खतरा है तो हबीशियों से, ये कीड़े-मकोड़े महामारी के जैसे हैं‘मायावी अंबा और शैतान’ : बेवकूफ इंसान ही दौलत देखकर अपने होश गँवा देते हैं
कुछ इंसान अंतरात्मा के बिना ही जन्म लेते हैं। ऐसे लोगों को बस खत्म कर देने की जरूरत होती है। नाथन रे को पूरा भरोसा…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : बेवकूफ इंसान ही दौलत देखकर अपने होश गँवा देते हैंकाए खाँ दोष लगा रए मो खाँ….किनकी बातन में अब आए, लाला हरदौल, भाभी के परम पयारे!
बुन्देलखंड का मशहूर पर्यटन स्थल खजुराहो। वहाँ की गलियों में रोज़ की तरह एक फ़क़ीर इकतारा लेकर गा रहा है, “भाभी के परम पयारे। लाला…
View More काए खाँ दोष लगा रए मो खाँ….किनकी बातन में अब आए, लाला हरदौल, भाभी के परम पयारे!‘मायावी अंबा और शैतान’ : तुझे पता है वे लोग पीठ पीछे मुझे क्या कहते हैं…..‘मौत’
भाड़े के अपने रंगरूटों के सामने उसने अपना भारी-भरकम हाथ बर्फ से भरी बाल्टी में डाल दिया। गले से लेकर पीठ तक उसकी खाल मानो…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : तुझे पता है वे लोग पीठ पीछे मुझे क्या कहते हैं…..‘मौत’‘मायावी अंबा और शैतान’ : पुजारी ने उस लड़के में ‘उसे’ सूँघ लिया था और हमें भी!
# 20 साल और एक दिन # हम कभी कमजोर पात्रों में नहीं रहते। कमजोर शरीरों को ठिकाना नहीं बनाते क्योंकि उनके मानस-पटल बहुत कोमल…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : पुजारी ने उस लड़के में ‘उसे’ सूँघ लिया था और हमें भी!शुरू में अपनी गाड़ी को धक्का ख़ुद ही लगाना होता है….. देखिए, जगजीत सिंह भी लगा रहे हैं!
मीडिया और मनोरंजन उद्योग में नामी व इज़्ज़तदार शख़्सियत हैं जनाब सैयद मोहम्मद इरफ़ान। रेडियो और टेलीविज़न से इनका पुराना नाता है। फिल्मी दुनिया पर…
View More शुरू में अपनी गाड़ी को धक्का ख़ुद ही लगाना होता है….. देखिए, जगजीत सिंह भी लगा रहे हैं!