मानव के मन में विचारों को श्रृंखला जन्म लेती है। और विविध विचारों के जन्म का कारण उसका परिवेश होता है। हम जैसे परिवेश में…
View More सिक्के के कितने पहलू होते हैं.. एक, दो या ज्यादा.. जवाब यहाँ है!Author: Neelesh Dwivedi
आज अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा दिवस है… जानें इस बारे में ‘नॉलेज-पिल्स’ के जरिए
‘नॉलेज-पिल्स’ यानी ‘ज्ञान-की-गोली’ में आज खास * अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा दिवस के बारे में, जो हर साल 26 अप्रैल को मनाया जाता है। * बौद्धिक…
View More आज अंतर्राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा दिवस है… जानें इस बारे में ‘नॉलेज-पिल्स’ के जरिएसब भूलकर अपनी गठरी खोलो और जी लो, बस
जीवन के उत्तरार्ध में हम सब का मूल्याँकन रुपए-पैसे से होता है। कितनी पेंशन बनी, कितनी बचत थी, फंड कितना मिला, बच्चों को सैटल कर…
View More सब भूलकर अपनी गठरी खोलो और जी लो, बसबेटी के नाम चौथी पाती : तुम्हारा होना जीवन की सबसे ख़ूबसूरत रंगत है
प्रिय मुनिया, मेरी जान, तुम्हारे जन्मोत्सव के बाद मुझे तुम्हें यह चौथा पत्र लिखने में तनिक विलम्ब हो गया है। मैं तुम्हें यह पत्र तुम्हारे…
View More बेटी के नाम चौथी पाती : तुम्हारा होना जीवन की सबसे ख़ूबसूरत रंगत हैअब हर चूक दुरुस्त करेंगे…पर हुजूर अब तक हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठे थे?
अब देखिए, 25 साल बाद ऐसे जुट गए हैं, जैसे अचानक पीड़ितों के बारे में पता चला हो। अब वे हर चूक को दुरुस्त करने के लिए कमर कसकर सुबह बंगले से निकल रहे हैं। तीन दिन से दूसरा काम नहीं किया। हादसे पर बैठकें ही जारी हैं।….
View More अब हर चूक दुरुस्त करेंगे…पर हुजूर अब तक हाथ पर हाथ धरे क्यों बैठे थे?हम सब कुछ पाने के लिए ही करते हैं पर सुख क्यों नहीं मिलता?
एक सेठ जी को एक बार यह जानने की चिन्ता हुई कि मेरी सम्पत्ति कितनी है? इसका उपभोग और कितने दिन किया जा सकता है? सो, तत्काल उन्होंने अपने अकाउंटेंट को बुलवा भेजा और उससे जानना चाहा। बदले में लेखाधिकारी ने कुछ समय माँगा। कुछ दिनों बाद लेखाधिकारी सेठ जी को बताता है कि यह सम्पत्ति आपकी अगली आठ पीढ़ियों तक के लिए पर्याप्त है। फिर क्या था सेठ जी चिन्ता में डूब गए….
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