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अपना पन्ना
चहेते पन्ने
“गए थे हरि भजन को, ओटन लगे कपास”
5 years ago
चहेते पन्ने
देखना सहज है, उसे भीतर उतार पाना विलक्षण, जिसने यह साध लिया वह…
5 years ago
चहेते पन्ने
कोई है ही नहीं ईश्वर, जिसे अपने पाप समर्पित कर हम मुक्त हो जाएँ!
5 years ago
चहेते पन्ने
पहचान खोना अभेद्य किले को जीतने सा है!
5 years ago
चुनिन्दा पन्ने
बुद्ध कुछ प्रश्नों पर मौन हो जाते हैं, मुस्कुरा उठते हैं, क्यों?
5 years ago
चहेते पन्ने
पूर्णता ही ख़ोख़लेपन का सर्वोच्च और अनन्तिम सत्य है!
5 years ago
चुनिन्दा पन्ने
महात्मा बुद्ध आत्मा को क्यों नकार देते हैं?
5 years ago
चुनिन्दा पन्ने
अधूरापन जीवन है और पूर्णता एक कल्पना!
5 years ago
चुनिन्दा पन्ने
कृष्ण और बुद्ध के बीच मौलिक अन्तर क्या हैं?
5 years ago
चहेते पन्ने
…पर हे कृष्ण! मैं हूँ तुम्हारे साथ, जीने और संग मरने के लिए भी!
5 years ago
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