प्रेम जीवन है, जीवन की अपनी गति है, मदमस्त लय है

पटरियों ने हमेशा समानान्तर रहकर मूक साथ निभाया। पहाड़ों ने धरती और आकाश के बीच रहकर जोड़ने का काम किया। नदियाँ अपने उद्गम से निकलीं तो समुद्र…

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अपरिग्रह : जो मिले, सब ईश्वर को समर्पित कर दो

भगवान महावीर के पांच महाव्रतों में अंतिम महाव्रत है अपरिग्रह। बड़ा ही महत्त्वपूर्ण है और साथ ही कठिन। सम्भवत: इसी बात को ध्यान में रखकर…

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राग इश्क़ः हर वीराने में सदियों से है प्रेम का अनहद नाद

पचमढ़ी में किसी भी जगह जाओ- चाहे छोटे झरनों से झरते पानी को छूने के लिए बी-फॉल में नीचे उतरो, छुपने के लिए पांडव गुफ़ा…

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मौत तुझसे वादा है…. एक दिन मिलूँगा जल्द ही

मौत की ख़बरें अब विचलित नही करतीं। रोज़ किसी न किसी के गुजर जाने की सूचना मिलती है। और ये सूचनाएँ एक आँकड़े में बदलकर…

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महावीर स्वामी के बजट में मानव और ब्रह्मचर्य

आज देश का बजट सदन के पटल पर प्रस्तुत किया गया। बजट को हम प्राय: आर्थिक सन्दर्भों में ही देखते हैं। जबकि उसमें शिक्षा, स्वास्थ्य,…

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‘अड़सठ तीरथ इस घट भीतर’

वहाँ इतना अँधेरा था कि हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा था। इतना कि न नीचे ज़मीन दिख रही थी और न आसमान ऊपर। जब…

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ठन, ठन, ठन, ठन, ठन – थक गया हूँ और शोर बढ़ रहा है

आवाजों का शोर है। इधर जीवन में एक और आवाज़ जुड़ी है, ठन- ठन-ठन, चौबीसों घण्टे गूँज रही है। हर समय सोते-जागते, यह आवाज़ पीछा नही छोड़ रही,…

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सौ हाथों से कमाओ और हजार हाथों से बाँट दो

धन कमाने की इच्छा रखने वाला व्यक्ति प्रायः अपने पक्ष में यह कहता है कि ‘सर्वे गुणाः काञ्चनम् आश्रयन्ति’ यानि सभी गुण धन के आश्रय…

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सत्यव्रत कैसा हो? यह बताते हुए जैन आचार्य कहते हैं…

कक्षा छठवीं की संस्कृत की पाठ्यपुस्तक में एक श्लोक है, “सत्येन धार्यते पृथ्वी सत्येन तपते रविः। सत्येन वाति वायुश्च, सर्वं सत्ये प्रतिष्ठितम्।।” भावार्थ है कि…

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वो आदमी थकता ही नहीं था…

देवास का मल्हार स्मृति मन्दिर अनगिनत कलाकारों की प्रस्तुति का साक्षी रहा है। संगीत, वाद्य यंत्र, बैंड, नृत्य से लेकर तमाम कलाएँ यहाँ आकर धन्य…

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