सत्यव्रत कैसा हो? यह बताते हुए जैन आचार्य कहते हैं…

कक्षा छठवीं की संस्कृत की पाठ्यपुस्तक में एक श्लोक है,  “सत्येन धार्यते पृथ्वी सत्येन तपते रविः। सत्येन वाति वायुश्च, सर्वं सत्ये प्रतिष्ठितम्।।”   भावार्थ है कि…

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वो आदमी थकता ही नहीं था…

देवास का मल्हार स्मृति मन्दिर अनगिनत कलाकारों की प्रस्तुति का साक्षी रहा है। संगीत, वाद्य यंत्र, बैंड, नृत्य से लेकर तमाम कलाएँ यहाँ आकर धन्य…

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एक जेंटलमैन का पत्र, क्रिकेट के नाम

Focus on your team as well and not just the opposition, always trying to catch people. मैंने यह सुना तो इसके बैकग्राउंड में एक और…

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अपने हिस्से न आसमान है और न धरती

आसमान खाली है, एक सिर्फ़ सूरज चमक रहा है। सुबह से सन्देश आ रहे हैं कि आज छह ग्रह एक पंक्ति में रहेंगे और यह…

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अब सुनाई नहीं देगा… लखनऊ से कमाल खान, एनडीटीवी इंडिया के लिए

कमाल खान नहीं रहे… सुबह से इस ख़बर पर यकीन मुश्किल हो रहा है। अब भी जब ये टिप्पणी टाइप कर रहा हूँ तो समझ नहीं आ…

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क्यों आज हमें लाखों सावित्री बाई फुले चाहिए

सावित्री बाई फुले का आज जन्मदिवस है। तत्कालीन समाज में जिस तरह से संघर्ष करके उन्होंने लड़कियों की पढ़ाई के महत्व को समझा और लड़कियों की…

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भगवान महावीर मानव के अधोपतन का कारण क्या बताते हैं?

भगवान महावीर के शिष्य ने एक बार प्रश्न किया, “गुरुदेव, मनुष्य के अधोपतन का क्या कारण है और उससे अपनी मुक्ति के लिए क्या किया…

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…पर क्या इससे उकताकर जीना छोड़ देंगे?

जीने की सम्भावनाओं के बीच हम जीने के बजाय अमर होने की चाह लिए रहते हैं। अपने हर कर्म, विचार को इस कसौटी पर तौलते…

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सम्यक् ज्ञान : …का रहीम हरि को घट्यो, जो भृगु मारी लात!

जो चीज जैसी है, उसे वैसे ही जानना, न कम, न ज़्यादा, अवस्था के अनुरूप जानना, उसका सम्यक् बोध होना ही सम्यक् ज्ञान है। सम्यक् ज्ञान…

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अपनी लड़ाई की हार जीत हमें ही स्वर्ण अक्षरों में लिखनी है

आसमान में एक लम्बी सफ़ेद धुएँ की लकीर रह गई है। मानो कोई बहुत तेजी से गुजरा हो अपने पीछे पूरा ग़ुबार छोड़कर। इस सबके…

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