यूँ ही कल किसी के विवाह में जाना हुआ। वहाँ मेरे परिचय के क्रम में एक व्यक्ति ने मुझे सभ्य समाज के अनुकूल शमश्रु और…
View More कविता लिखते हो? पढ़ते तो होगे ही? ऐसे प्रश्न मुझे हमेशा असहज करते हैं क्योंकि…Tag: रोचक-सोचक
जब ‘प्यादे’ मालिक को प्यादा बनाकर चालें चलने लगें तो फजीहत होनी ही है!
क्रिक्रेट का टी-20 विश्व कप चल रहा है। इसके साथ ही भारत-पाकिस्तान की राजनीति में कुछ विचित्र संयोगों की समानताएँ मैदान में लोटमलोट हो रही…
View More जब ‘प्यादे’ मालिक को प्यादा बनाकर चालें चलने लगें तो फजीहत होनी ही है!विज्ञान कहता है- बच्चे को लय-ताल की समझ गर्भ में ही हो जाती है, तो क्या अचरज यदि…!
भारतीय ज्ञान परम्परा को पश्चिम का विज्ञान अपने शोध अध्ययनों से सही साबित कर रहा है। इसका उदाहरण है एक ताजा अध्ययन। इसके निष्कर्षों में…
View More विज्ञान कहता है- बच्चे को लय-ताल की समझ गर्भ में ही हो जाती है, तो क्या अचरज यदि…!अमेरिका ने कश्मीर पर पाकिस्तान की हवा निकाल दी, क्या इससे हमें खुश होना चाहिए?
अमेरिका ने कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान की हवा निकाल दी। अभी पाँच फरवरी को पाकिस्तान ने ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ मनाया। अलग-अलग जगहों पर इससे…
View More अमेरिका ने कश्मीर पर पाकिस्तान की हवा निकाल दी, क्या इससे हमें खुश होना चाहिए?चाल-कुचालों के बीच क्या जातियों-समाजों का आपसी अनुबंध सनातन को बचा सकता है?
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी की सरकार जो तीखी आलोचना हुई, वैसी कभी देखने-सुनने को नहीं…
View More चाल-कुचालों के बीच क्या जातियों-समाजों का आपसी अनुबंध सनातन को बचा सकता है?सोचिए, अगर दो-ढाई करोड़ युवा सड़कों पर बेरोजगार घूमते रहते, तो क्या होता!
भारत में अस्थायी कामगारों (खास तौर पर सामान की डिलीवरी करने वाले लड़के, वाहन चालक, आदि) की संख्या कितनी हे? 1.2 करोड़! और इतने सारे…
View More सोचिए, अगर दो-ढाई करोड़ युवा सड़कों पर बेरोजगार घूमते रहते, तो क्या होता!मोबाइल ‘हमें हर पल देख-सुन रहा’ है, अब सरकारें और उसके मुखिया भी मानने लगे हैं!
मोबाइल फोन हर पल हमें देख-सुन रहा है। अब यह बात सरकारें और मुखिया तक मानने लगे हैं। प्रमाण के तौर पर अभी हाल ही…
View More मोबाइल ‘हमें हर पल देख-सुन रहा’ है, अब सरकारें और उसके मुखिया भी मानने लगे हैं!क्या हम आज जो ‘धर्माचरण’ कर रहे हैं, उससे अधर्म की अभिवृद्धि हो रही है?
नव-हिन्दुत्व के आगमन के साथ तीर्थ – धाम, मन्दिरों में दर्शनार्थियों की और कथा-प्रवचनों के आयोजनों की बाढ़ सी आई है। वैष्णवदेवी, काशी, अयोध्या, पुरी,…
View More क्या हम आज जो ‘धर्माचरण’ कर रहे हैं, उससे अधर्म की अभिवृद्धि हो रही है?बेटी के नाम 12वीं पाती : जीवन की असल रंगत तुम्हीं से है मेरी बच्ची, जन्मदिन शुभ हो
प्रिय मुनिया मेरी लाडो, मैं तुम्हें यह पत्र तुम्हारे पाँचवें जन्मदिन पर लिख रहा हूँ। आज 27 जनवरी 2026 को तुमने जीवन के चार बसंत…
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अंग्रेजों ने भारत को सिर्फ ऊपरी तौर पर गुलाम बनाकर नहीं रखा था। उन्होंने हमारी मानसिकता को भी गुलाम बना लिया था। इस मानसिक गुलामी…
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