अभी गुरुवार, 6 मार्च को जाने-माने अभिनेता पंकज कपूर भोपाल आए। यहाँ शुक्रवार, 7 मार्च को रवीन्द्र भवन में हुए नाटक ‘दोपहरी’ में उन्होंने मुख्य…
View More रिमोट, मोबाइल, सब हमारे हाथ में…, ख़राब कन्टेन्ट पर ख़ुद प्रतिबन्ध क्यों नहीं लगाते?Tag: रोचक-सोचक
ध्यान दीजिए और समझिए.., कर्नाटक में कलाकारों के नट-बोल्ट कसेगी सरकार अब!
कला, साहित्य, संगीत, आदि के क्षेत्र में सक्रिय लोगों को समाज में सम्मान की निग़ाह से देखा जाता है। क्यों? क्योंकि वे बरसों-बरस की साधना…
View More ध्यान दीजिए और समझिए.., कर्नाटक में कलाकारों के नट-बोल्ट कसेगी सरकार अब!विश्व वन्यजीव दिवस : शिकारियों के ‘सक्रिय’ दल, मध्य प्रदेश की जंगल-फौज ‘पैदल’!
“घने जंगलों में निगरानी के लिहाज़ से ‘पैदल’ गश्त सबसे अच्छी होती है। इसलिए मध्य प्रदेश में हम सुनिश्चित करते हैं कि हमारी जंगल-फ़ौज के…
View More विश्व वन्यजीव दिवस : शिकारियों के ‘सक्रिय’ दल, मध्य प्रदेश की जंगल-फौज ‘पैदल’!जाल में जेलेंस्की, मगर ज़िम्मेदार कौन? और अब अगला कौन?
विश्व के सबसे शक्तिशाली और समृद्ध देश अमेरिका के राष्ट्रपति भवन से इसी 28 फरवरी, शुक्रवार को पूरी दुनिया ने एक विचित्र नज़ारा देखा। वहाँ…
View More जाल में जेलेंस्की, मगर ज़िम्मेदार कौन? और अब अगला कौन?यू्क्रेन-रूस युद्ध का पटाक्षेप कैसे विश्व इतिहास का अप्रत्याशित मोड़ बनने वाला है?
अभी हम जिस सन्धिकाल से गुजर रहे हैं, वह कुछ इतना अलग है कि उसको समझने के लिए हमारे पास उचित शब्द, युक्तियाँ और वैचारिक…
View More यू्क्रेन-रूस युद्ध का पटाक्षेप कैसे विश्व इतिहास का अप्रत्याशित मोड़ बनने वाला है?अमेरिका में कितने वेतन की उम्मीद करते हैं? 14,000 रुपए! हम गलतियों से ऐसे ही सीखते हैं!
अभी एक दिन पहले की ही बात है। अपने दोस्त के साथ मैंने अपना एक पुराना मज़ेदार क़िस्सा साझा किया और फिर हम दोनों ख़ूब…
View More अमेरिका में कितने वेतन की उम्मीद करते हैं? 14,000 रुपए! हम गलतियों से ऐसे ही सीखते हैं!‘बढ़िया छत्तीसगढ़िया’ कहानी : मैं तुलसी यूट्यूब के आँगन की, सब कुछ हूँ मैं तेरे साजन की!
साल 1978 में एक फिल्म आई थी, ‘मैं तुलसी तेरे आँगन की’। उसमें इन्हीं शब्दों के साथ एक गीत था, “मैं तुलसी तेरे आँगन की।…
View More ‘बढ़िया छत्तीसगढ़िया’ कहानी : मैं तुलसी यूट्यूब के आँगन की, सब कुछ हूँ मैं तेरे साजन की!क्या! पॉलीथिन नहीं लेनी, इन्दौर से आए हाे क्या? देखें, यूँ बनती है शहर की पहचान आपसे!
अभी कुछ दिनों पहले की बात है। मैं घर के पास एक किराना दुकान पर गया था। दो-तीन चीजें लेनी थीं। तो वहाँ सामान लेने…
View More क्या! पॉलीथिन नहीं लेनी, इन्दौर से आए हाे क्या? देखें, यूँ बनती है शहर की पहचान आपसे!माँ गंगा की सुरक्षा में 1,100 जवान, ये गन्दगी फैलाने वालों को देखते ही मार देते हैं!
“माँ गंगा की सुरक्षा में 1,100 जवान तैनात हैं। ये गंगा जल में गन्दगी फैलाने वालों को देखते ही मार देते हैं। एक-एक सुरक्षा जवान…
View More माँ गंगा की सुरक्षा में 1,100 जवान, ये गन्दगी फैलाने वालों को देखते ही मार देते हैं!साल 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य क्या वाकई असम्भव है? या फिर कैसे सम्भव है?
किसी महात्वाकांक्षी लक्ष्य को पटरी उतारने या हतोत्साहित करने का सबसे बढ़िया है, उस पर सवाल खड़ा कर दिया जाए। जैसे…. 1 – “इसे प्राप्त…
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