Integrity

आपके ‘ईमान’ की क़ीमत कितनी है? क्या इतनी कि कोई उसे आसानी से ख़रीद न सके?

आपके ‘ईमान’ या आपके ‘मूल्यों’ की क़ीमत कितनी है? सवाल विचित्र लग सकता है, लेकिन है नहीं। वास्तव में, हर किसी के ‘मूल्यों’ या ‘ईमान’…

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Forget-Changing Time

आश्चर्य इस पर कि लोग इतनी जल्दी भूल जाएँगे, इसकी उन्हें उम्मीद नहीं थी!

अभी कुछ एक महीने पहले हमारी प्रधानाध्यापिका मैडम ने अपने घुटने का प्रत्यारोपण करवाया था, एम्स में। अब वे सेवानिवृत्त हो चुकी हैं। कल अपने…

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Veer Savarkar

वीर सावरकर : मुझे मार सके, भला ऐसा कौन शत्रु पैदा हुआ है इस जगत में!

विनायक दामोदर सावरकर। लोकप्रिय नाम, ‘वीर सावरकर’ या स्वातंत्र्य वीर सावरकर’। भारतीय राजनीति के ऐसे उच्च व्यक्तित्त्व, जिनके हम साथ हो सकते हैं। उनके विरोध…

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Heather Dorniden

देखिए… हारते सिर्फ़ वही हैं, जो दौड़ में गिरने बाद फिर से उठकर दौड़ते नहीं!

इस तरह के वीडियो और भी बहुत से मिल जाएँगे। हालाँकि यहाँ नीचे जो वीडियो दिया गया है, वह साल 2008 का है। अमेरिका में…

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Donkey

मेहनती और संवेदनशील होने के बावज़ूद गधे को ‘गधा’ ही कहते हैं, क्योंकि…

बीते दिनों एक बच्ची ने अपनी माँ से पूछा था, “माँ गधा कितना सीधा-सादा सा जानवर लगता है न? मेहनत भी वह सबसे ज़्यादा करता…

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emotion and money

भावनाओं के सामने कई बार पैसों की एहमियत नहीं रह जाती, रहनी भी नहीं चाहिए!

निकेश, आपको और कितने पैसे चाहिए?  एक नई-नवेली कम्पनी के मानव संसाधन विभाग के मुखिया (सीएचआरओ) ने मुझसे सवाल किया था। वे चाहते थे कि…

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Triangle

तरबूज पर त्रिकोण : किताबों से परे हटकर कुछ नए उत्तरों के लिए तत्पर रहना चाहिए!

बच्चे इन दिनों मिट्टी से विभिन्न प्रकार के आकार बना रहे हैं। इन आकारों में लम्बाई, चौड़ाई के साथ-साथ ऊँचाई भी होगी। इस प्रकार वो…

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Bhishm

पूरा ‘अस्पताल’ आसमान से ज़मीन पर गिरा दिया और कुछ भी टूटा-फूटा नहीं!!

ये बदलते भारत की कुछ और जीवन्त तस्वीरें हैं। लेकिन जैसा कि अमूमन होता है, इनमें कोई मसाला नहीं है इसलिए ये सुर्ख़ियाँ भी तुलनात्मक…

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BooK Hotel

दादी के बटुए से निकला पुस्तकों का होटल – ‘आज्जीचं पुस्तकांचं होटेल’

दादी-नानाी के बटुए से क्या-कुछ नहीं निकलता। क़िस्से-कहानियाँ निकलते हैं। घर चलाने, रिश्ते निभाने, सेहतमन्द रहने के नुस्ख़े निकलते हैं। कभी-कभी तो बहुत ज़बर्दस्त आइडिया…

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Nikesh Jain

सब छोड़िए, लेकिन अपना शौक़, अपना ‘राग-अनुराग’ कभी मत छोड़िए

घर से काम करने की सुविधा (वर्क फ्रॉम होम- डब्ल्यूएफएच) ने मुझे मेरे शौक़, मेरे ‘राग-अनुराग’, यानी क्रिकेट के साथ जुड़े रहने की गुंजाइश दी…

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