आज फेसबुक स्क्रॉल करते हुए ‘डायरी’ की एक पोस्ट सामने आ गई। पोस्ट में एक सुन्दर तस्वीर पर माखनलाल चतुर्वेदी जी की कविता लिखी थी।…
View More जयन्ती विशेषः अपने प्रिय कवि माखनलाल चतुर्वेदी की याद और पुष्प की अभिलाषाTag: रोचक-सोचक
क्या हम प्रतिभाओं को परखने में गलती करते हैं?
क्या हम प्रतिभाओं को परखने में, उनका आकलन करने में गलती करते हैं? मेरे दिमाग में यह सवाल अक्सर ही आता है। बीते दो-ढाई दशक…
View More क्या हम प्रतिभाओं को परखने में गलती करते हैं?रातभर नदी के बहते पानी में पाँव डालकर बैठे रहना…फिर याद आता उसे अपना कमरा
उजालों में अँधेरे देखने का आदी था वो। जब दुनिया जागती, उसे लगता कि अब सूरज ढला है। रातभर नदी के बहते पानी में पाँव डालकर बैठे रहना…फिर…
View More रातभर नदी के बहते पानी में पाँव डालकर बैठे रहना…फिर याद आता उसे अपना कमराकाश, ‘26 जनवरी वाले वे बड़े लोग’ इस बच्चे से रह जाते!
वीडियो में दिख रहा ये छोटा सा बच्चा दिल्ली के मयूर विहार स्थित रयान इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ता है। धैर्य जोशी नाम है इसका। इसी…
View More काश, ‘26 जनवरी वाले वे बड़े लोग’ इस बच्चे से रह जाते!‘हाँ’ कहना, ‘न’ कहने से बड़ा और चमत्कारी फलसफ़ा क्यों है?
हम सबने ‘न’ कहने की ताकत (Power of saying No) के बारे में सुना है। एक बार नहीं, कई बार और निश्चित रूप से ‘न’…
View More ‘हाँ’ कहना, ‘न’ कहने से बड़ा और चमत्कारी फलसफ़ा क्यों है?…पर उल्टा भी है- वृक्ष जब फलों से लद जाता है तो झुकता है!
#अपनीडिजिटलडायरी पर पढ़ा… “झुकन झुकन से जानिए, झुकन झुकन पहचान। तीन जनें जादा (ज़्यादा) झुकें, चीता चाेर कमान।” बढ़िया लिखा है… और जो लिखा गया है,…
View More …पर उल्टा भी है- वृक्ष जब फलों से लद जाता है तो झुकता है!झुकन झुकन से जानिए, झुकन झुकन पहचान!
बड़े बुज़ुर्ग पहले जो बातें कहावतों में कह जाया करते थे, उनकी मार दूर तक होती थी। सटीक निशाने पर लगती थी। शायद इसीलिए किसी ने…
View More झुकन झुकन से जानिए, झुकन झुकन पहचान!13 फरवरी 2021 : तारीख, कंकर के शंकर हो जाने की!
हर पहलू से रोचक-सोचक है, ये दास्तां। दास्तां, एक मजदूर की। दास्तां, उस मजदूर के सबसे सम्मानित शख़्सियतों में शुमार होने की। दास्तां, कंकर के शंकर हो…
View More 13 फरवरी 2021 : तारीख, कंकर के शंकर हो जाने की!जहाँ सिंह, वही सिंहासन
अभी हाल में एक तस्वीर सामाजिक मंचों (सोशल मीडिया) पर तेजी से प्रसारित हुई। इसमें एक सिंह सामान्य घरेलू सोफे पर बैठा दिखाई दिया। तस्वीर…
View More जहाँ सिंह, वही सिंहासनकेल्हौरा की कहानी बताती है कि गाँव के भीतर से ही जल, जंगल, ज़मीन की सूरत बदल सकती है!
ये एक छोटे से गाँव की बड़ी कहानी है। देखी जा सकती है, सुनी जा सकती है और गुनी भी। यानि इस पर विचार किया…
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