टीम डायरी
तेज गर्मी में इंसानों की ही नहीं, मशीनों की भी हालत खराब है। जो एयर कंडीशनर अपने घरों को ठण्डा रख रहे हैं, वे गर्म हो रहे हैं। गर्म होकर फट रहे हैं। अभी एक दिन पहले दिल्ली में ऐसी एक घटना हुई है। उसमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के एक पूर्व अधिकारी का निधन हो गया है। उनका धनेन्द्र कुमार नाम था। दिल्ली के हौज खास इलाके में रहते थे। देश के पहले प्रतिस्पर्धा आयोग के प्रमुख रह चुके थे। उनके घर पर गुरुवार, 28 मई की रात 11.18 बजे के आस-पास एयर कंडीशनर फटने की घटना हुई। उस समय घर पर पाँच लोग मौजूद थे। घटना में 80 बरस के धनेन्द्र कुमार और उनका बेटा घायल हो गया। इनमें से धनेन्द्र कुमार का निधन हो गया, क्योंकि एयर कंडीशनर फटने के बाद उसमें आग लगने से कमरों में धुआँ भर गया। वह धुआँ उनके फेंफड़ों में भी भर गया था।
यह तो हुई सूचना, पर प्रश्न यह है कि हम आखिर ऐसा क्या करें कि गर्मी से बचाव भी होता रहे और इस तरह की घटना से भी बचे रहें? विशेषज्ञ इसके लिए कुछ सावधानियाँ बताते हैं। उन्हें बरतने पर हम अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं। कृपया नीचे दी गईं उनकी बताई बातों पर गौर कीजिए…
1 – एयर कंडीशनर को लगातार न चलाएँ। बीच-बीच में उन्हें बंद करते रहें। ताकि उनकी मशीन ठण्डी होती रहे। ऐसा करना तेज गर्मी के मौसम में, खास तौर पर बेहद जरूरी है।
2 – एयर कंडीशनर की नियमित जाँच-परख कराएँ। कोई कलपुर्जा खराब है, तो तुरंत बदलवाएँ। गैस कम हुई हो, तो उसे भरवाएँ। कहीं गंदगी वगैरा जम गई हो तो उसे भी साफ कराएँ।
3 – वायरिंग और ढीले कनेक्शन वगैरा की भी नियमित जाँच खुद से ही करते रहें। अगर कहीं भी गड़बड़ दिखे तो ठीक करने या कराने में देर न करें। बेपरवाही तो बिल्कुल न दिखाएँ।
4 – गर्मियों में बिजली का वोल्टेज अक्सर कम-ज्यादा होता रहता है। इससे एयर कंडीशनर की कार्यप्रणाली गड़बड़ हो सकती है। इसलिए वोल्टेज स्टेबलाइजर का इस्तेमाल जरूर करें।
5 – अगर मशीन कहीं से कोई चेतावनी का संकेत दे रही है, तो उसे अनदेखा कतई न करें। साथ ही, सुधार कार्य कराते समय अच्छी गुणवत्ता के मूल कलपुर्जे और तार आदि का उपयोग करें।
ध्यान रखिए, सावधानी में ही सुरक्षा है। तेज गर्मी से अपनी और परिवार की सुरक्षा अगर हमारी प्राथमिकता है, तो जान-ओ-माल सुरक्षित रखना उससे भी ऊपर की प्राथमिकता होनी चाहिए।
