टोल नाके के पास ठगी के इरादे से मिला दाँगी (इनसेट में) औार उसकी बिना नम्बर की गाड़ी। फोटो : श्यामसुन्दर शर्मा
श्यामसुन्दर शर्मा, भोपाल मध्य प्रदेश
राज्स्थान में राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल नाकों के आस-पास सम्भवत: ठगों का गिरोह सक्रिय है। ये कर्ज देने वाली कम्पनियों के एजेन्ट बनकर निजी वाहनों से राजस्थान के विभिन्न पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर घूमने आए लोगों को निशाना बना रहे हैं। मैं यह अन्देशा मेरे बेटे के साथ हुई तीन हालिया घटनाओं के आधार पर जता रहा हूँ। जनसामान्य को सचेत करने के लिहाज से उन घटनाओं का यहाँ उल्लेख कर रहा हूँ।
पहली घटना इसी 29 जून की है। मेरा बेटा अंकित अपने दो दोस्तों के साथ निजी कार से पहले भोपाल से खाटू श्याम जी के लिए दर्शन करने निकला था। इस दौरान उसे पहले टोंक के नजदीक राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टोल प्वाइन्ट से करीब दो किलोमीटर आगे एक बिना नम्बर वाली सफेद जीप ने रोका। उससे लाल टीशर्ट और जीन्स वाला एक युवक और उसके कुछ साथी उतरे। लाल टीशर्ट वाले युवक का उपनाम दाँगी था। आश्चर्य की बात थी कि उसे हमारी गाड़ी के मालिक का नाम पहले से पता था। वही नाम पुकारकर उसने मेरे बेटे और उसके दोस्तों को बाहर उतरने के लिए कहा। फिर बोला, “आपने अपनी गाड़ी के कर्ज की किस्त जमा नहीं की है। आप तुरन्त अपनी किस्त भरें नहीं तो गाड़ी खींच (कर्ज न चुकाने पर बैंक या फायनेंस कम्पनी गाड़ी वापस ले जाती है।) लेंगे।”
इस पर मेरे बेटे ने समझदारी दिखाते हुए उस युवक से उसका परिचय पूछा। पहचान पत्र दिखाने को कहा, जो कि वह नहीं दिखा पाया। हाँ, उसके मोबाइल फोन पर हरियाणा की किसी ‘पूनिया फाइनेंस कम्पनी’ का ऐप जरूर डाउनलोड था, जो उसने दिखाया। लेकिन उसका झूठ पकड़ा जा चुका था। इसी कारण अंकित और उसके दोस्तों की उससे बहस भी हुई। उसका वीडियो भी हमारे पास है। बात बिगड़ती देख दाँगी के ही साथी बीच-बचाव कर कुछ ले-देकर समझौता कराने की कोशिश करने लगे। लेकिन अंकित ने जब पुलिस को सूचित करने की बात की, तो वे लोग फिर वहाँ से भाग निकले। साथ में धमकी भी देते गए। हालाँकि यहाँ मामला खत्म नहीं हुआ।
उसी दिन, इसी तरह की दूसरी घटना खाटू श्याम जी के कुछ पहले पड़ने वाले टोल प्वाइन्ट से लगभग डेढ़ किलोमीटर बाद हुई। इस बार ठगी करने वाले बिना नम्बर की मोटरसाइकिल से आए थे। ये लोग पहले संख्या दो थे। कुछ देर बाद चार युवक और आ गए। उन्होंने भी इसी तरह डराने-धमकाने की कोशिश। लेकिन वे भी सफल नहीं हुए। इससे भी बड़े अचरज की बात रही कि अगले दिन 30 जून को सालासर बालाजी मार्ग पर भी टोल प्वाइन्ट से करीब दो किलोमीटर दूर इसी तरह के ठग गिरोह के सदस्य फिर मिले। ये लोग बिना नम्बर वाली स्विफ्ट कार से आए थे। पहले चार आए, फिर आठ हो गए। इन लोगों से भी अंकित और उसके दोस्त जैसे-तैसे निपटे।
इससे पूर्व बच्चों ने टोंक वाली घटना के तुरन्त बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर गश्त करने वाले पुलिस के दल से सम्पर्क किया था। तब उन्हें उपनिरीक्षक सहयोगी राम जी का नम्बर (8741035711) दिया गया। साथ ही कहा गया कि आगे कोई इस तरह की घटना घटे, तो इस नम्बर पर सूचित करें। लिहाजा, दूसरी और तीसरी बार उसी तरह की घटना होने पर उस नम्बर से सम्पर्क करने की कोशिश भी गई। लेकिन किसी ने फोन उठाया ही नहीं। इससे तो यह भी आशंका होती है कि कहीं पुलिस की मिलीभगत से तो ठगों का यह गिरोह सक्रिय नहीं है?
कुछ भी हो सकता है। एक जागरुक नागरिक के नाते मेरी जिम्मेदारी थी कि अधिक से अधिक लोगों को इस बाबत सचेत करूँ। यह लेख इसी उद्देश्य से लिखा गया है। मेरा आग्रह है कि निजी वाहन से कहीं यात्रा कर रहे हैं, खास तौर पर राजस्थान के किसी स्थल की, तो ज्यादा सावधानी और सतर्कता बरतें।
—-
(नाेट : एक बार करोड़ों के घाटे में पटक कर बन्द किए गए और अब करोड़ों रुपए लगाकर फिर शुरू किए जा रहे मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारी नेता रहे हैं श्याम सुन्दर शर्मा। उन्होंने #अपनीडिजिटलडायरी को व्हाट्सएप सन्देश के माध्यम से ये तस्वीरें और लेख भेजा है। वे लगातार जनसामान्य से, सरोकार से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त करते रहते हैं।)
—-
श्यामसुन्दर शर्मा के पिछले लेख
1- बाबा साहेब से प्रेम और तिरंगे की मर्यादा…, सब दो दिन में ही भुला दिया!! क्यों भाई?
देश में जनगणना होने वाली है। मतलब जनसंख्या कितनी है और उसका स्वरूप कैसा है,… Read More
जय जय श्री राधे Read More
अभी एक तारीख को किसी जरूरी काम से भोपाल से पन्ना जाना हुआ। वहाँ ट्रेन… Read More
भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर का उद्घाटन 13 फरवरी 2026 को हुआ। इसे… Read More
‘भ्रष्ट’ का अर्थ है- जब कोई अपने धर्म (कर्तव्य-पथ) से दूर हट जाए और ‘आचार’… Read More
ऐसी सूचना है कि अंग्रेजों की ईस्ट इण्डिया कम्पनी फिर दिवालिया हो गई और उसका… Read More