# नवीनीकरण # हर बार जब हम कोई शिकार करते, तो वह दिल से हमारा साथ देती थी। ऐसे मौकों पर वह हमारा विस्तार बन…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह ‘नवजागरण’ बड़ा तकलीफदेह था!Category: चुनिन्दा पन्ने
कल स्कूल आएगी क्या? ये सफर अब ख़त्म हुआ!
‘कल स्कूल आएगी/आएगा क्या?’ ये सफ़र अब ख़त्म हुआ। मई 2018 से शुरू आरपीवीवी का सफ़र अब ठहर गया।। न जाने कितनी चीजें ये हमें…
View More कल स्कूल आएगी क्या? ये सफर अब ख़त्म हुआ!ट्रम्प किस तरह दुनिया को बदलकर रख देने को बेताब हैं?
पहले #अपनीडिजिटलडायरी के इन्हीं पन्नों पर अमेरिका के वोक कल्चर और अतिउदारवाद के दुष्परिणामों पर संकेत किया गया था। वहाँ चुनावी परिणाम ने उदारवाद की…
View More ट्रम्प किस तरह दुनिया को बदलकर रख देने को बेताब हैं?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : मैडबुल के कृत्यों को ‘आपराधिक कलंक’ माना गया
इरावती नदी अनंत काल से होरी पर्वतों से लगकर बह रही है, अनवरत। इस नदी में तलहटी की रेत बहुत पहले मर चुके लोगों की…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : मैडबुल के कृत्यों को ‘आपराधिक कलंक’ माना गयाबसन्त पंचमी : भारत की सांस्कृतिक आत्मा-धार की भोजशाला, अजयगढ़ का सरस्वती मन्दिर!
बसन्त पंचमी पर बीते कुछेक सालों से मध्य प्रदेश के दो स्थलों की चर्चा विशेष रूप से होने लगी है। पहला- धारानगरी यानि धार में…
View More बसन्त पंचमी : भारत की सांस्कृतिक आत्मा-धार की भोजशाला, अजयगढ़ का सरस्वती मन्दिर!‘मायावी अम्बा और शैतान’ : जीवन की डोर अंबा के हाथ से छूट रही थी
देखते ही देखते वह ऐसे गायब हुआ, जैसे पहले कभी था ही नहीं। उस दिन के बाद से फिर कभी किसी ने कर्नल रोजी मैडबुल…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : जीवन की डोर अंबा के हाथ से छूट रही थीअब ‘एक देश, एक समय’ की तैयारी, तो क्या अभी अलग-अलग जगहों के समय में फर्क है?
सूचना है कि भारत सरकार अब देशभर में एक समान मानक समय (आईएसटी यानि भारतीय मानक समय) लागू करने की तैयारी कर रही है। यह…
View More अब ‘एक देश, एक समय’ की तैयारी, तो क्या अभी अलग-अलग जगहों के समय में फर्क है?‘एक देश, एक त्योहार-तिथि’, यह सुनिश्चित करने की पहल ख़ुद शंकराचार्य क्यों नहीं करते?
‘एक देश-एक पंचांग’ या दूसरे शब्दों में ‘एक देश-एक त्योहार तिथि’, कुछ भी कह लीजिए। इस सन्दर्भ में निश्चित स्थिति तय किए जाने की आवश्यकता…
View More ‘एक देश, एक त्योहार-तिथि’, यह सुनिश्चित करने की पहल ख़ुद शंकराचार्य क्यों नहीं करते?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वहाँ रोजी मैडबुल का अब कहीं नामो-निशान नहीं था!
वह मानो किसी सपने से उठी हो। रात के सपने से, भयावह रात के सपने से बाहर आकर सीधे तनकर खड़ी हो गई हो। उसकी…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वहाँ रोजी मैडबुल का अब कहीं नामो-निशान नहीं था!सांस्कृतिक पुनर्जागरण कैसे होगा? और उसका मार्गदर्शन कौन करेगा?
हमारे सांस्कृतिक पुनर्जागरण में सनातन श्रौत यज्ञ परम्परा के महत्व का अन्तिम भाग दो सप्ताह पहले पूरा किया। एक बोझिल, अरुचिकर और पुरातनपन्थी विषय पर…
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