तारा उदास थी। पिछले सात दिनों से उसकी गाय ‘कोरल’ खट्टा सा दूध ही दे रही थी। अक्सर वह फट जाता था। गाँव के बड़े-बुजुर्ग…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’: ऐसा दूध-मक्खन रोज खाने मिले तो डॉक्टर की जरूरत नहींCategory: चुनिन्दा पन्ने
दड़बा-ए-नाटो में घुसने को तैयार ‘बागड़ बिल्ले’ के गले में घंटी कौन बाँधेगा?
शनिवार 10 फरवरी को दक्षिण कैरोलिना की एक चुनाव रैली में अमेरिका के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने एक वक्तव्य दिया। लब्बो-लुआब यह था कि…
View More दड़बा-ए-नाटो में घुसने को तैयार ‘बागड़ बिल्ले’ के गले में घंटी कौन बाँधेगा?एक मुस्कुराहट की कीमत मौत! ऐसी भी क्या मज़बूरी?
वह अपने चेहरे पर नैसर्गिक रूप से आने वाली मुस्कुराहट से ख़ुश नहीं था। चाहता था कि शादी होने से पहले उसकी मुस्कुराहट ऐसी हो…
View More एक मुस्कुराहट की कीमत मौत! ऐसी भी क्या मज़बूरी?यांत्रिक हो रही ज़िन्दगी का मक़ाम क्या होगा?
जिस रफ़्तार से हम अपनी ज़िन्दगी में मशीन-रसायनों का समावेश कर रहे हैं, हमारे शहर उसी अनुपात में मानवीय चेतना और भावना विहीन होते जा…
View More यांत्रिक हो रही ज़िन्दगी का मक़ाम क्या होगा?प्रेम की अभिव्यक्ति अगर ऐसे भाव और समर्पण से हो, तो बात दूर तक जाती है
पश्चिम की संस्कृति ने प्रेम के लिए जो दिन और हफ़्ता निर्धारित कर रखा है, वह 14 फरवरी को वेलेन्टाइन-डे मनाने के साथ ही निकल…
View More प्रेम की अभिव्यक्ति अगर ऐसे भाव और समर्पण से हो, तो बात दूर तक जाती हैहो सके तो इस साल सरकारी प्राथमिक स्कूल के बच्चों संग वेलेंटाइन-डे मना लें, अच्छा लगेगा
इतना आसान नहीं होता है सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में कोई समारोह करा पाना। चाहते तो हम भी हैं कि हमारे बच्चे अच्छे-अच्छे, सुन्दर और फैन्सी…
View More हो सके तो इस साल सरकारी प्राथमिक स्कूल के बच्चों संग वेलेंटाइन-डे मना लें, अच्छा लगेगाझूठ बोले कौआ काटे, काले कौअे से डरियो… क्योंकि ये ज़िन्दगी भर चोंच मारता है!
साल 1973 में एक फिल्म आई थी, ‘बॉबी’। ऋषि कपूर और डिम्पल कपाड़िया की पहली फिल्म थी। इसका एक गाना खूब चर्चित हुआ था उस…
View More झूठ बोले कौआ काटे, काले कौअे से डरियो… क्योंकि ये ज़िन्दगी भर चोंच मारता है!बेटी के नाम छठवीं पाती : तुम्हारी मुस्कान हर दर्द भुला देती है
प्रिय मुनिया, मेरी गिलहरी, तुम आज पूरे दो साल की हो गई हो। तुम्हें पिछला पत्र तुम्हारे पहले जन्मदिन पर एक साल पहले 27 जनवरी…
View More बेटी के नाम छठवीं पाती : तुम्हारी मुस्कान हर दर्द भुला देती है‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह अचरज में थी कि क्या उसकी मौत ऐसे होनी लिखी है?
अब वह पूरी तरह से उस भैंस की गोद में थी। उसके गाढ़े खून, हडिडयों और अंतड़ियों के पिंजर में जिंदा दफन थी। वह अच्छी…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : वह अचरज में थी कि क्या उसकी मौत ऐसे होनी लिखी है?ये कैसा हिन्दी अनुवाद, जहाँ हिन्दी ही ढूँढनी पड़ जाए?
ये दिल्ली के मशहूर ‘मैक्स’ अस्पताल में लगे सूचना पटल हैं। इन पर लिखी सूचनाओं पर ग़ौर कीजिए। कहने के लिए तो सूचनाएँ हिन्दी और…
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