वसंतसेना अपनी सेविका के साथ चारुदत्त से मिलने निकल जाती है। चारुदत्त अपने भवन में बैठे दुःखी मन से अपने दुर्दिनों को याद कर रहा…
View More मृच्छकटिकम्-13 : काम सदा प्रतिकूल होता है!Category: चुनिन्दा पन्ने
सुनो! ये दिवाली नहीं, दीवाली है
“सुनो! ये जो तुम दिवाली-दिवाली बोलती रहती हो न, ये दिवाली नहीं है। दीवाली है। दिवाली बोलती हो और दिवाली ही लिख देती हो। ग़लत…
View More सुनो! ये दिवाली नहीं, दीवाली हैमृच्छकटिकम्-10 : मनुष्य अपने दोषों के कारण ही शंकित है
‘वसंतसेना’ की माता वसंतसेना को बुलाने का सन्देश भिजवाती हैं। वसंतसेना इधर ‘चारुदत्त’ द्वारा बनाई पेंटिंग की सराहना करती हुई ‘मदनिका’ से पूछती पूछती है…
View More मृच्छकटिकम्-10 : मनुष्य अपने दोषों के कारण ही शंकित हैऋषि सुनक जब ख़ुद को भारतवंशी कहते हैं, तो उन्हें पाकिस्तानी बताने की होड़ क्यों?
ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के परिवार की जड़ें कहाँ हैं? ख़ुद ऋषि सुनक की मानें तो वे ‘भारतवंशी’ हैं। उन्हें उनके ‘भारतवंशी’ होने…
View More ऋषि सुनक जब ख़ुद को भारतवंशी कहते हैं, तो उन्हें पाकिस्तानी बताने की होड़ क्यों?मृच्छकटिकम्-5 : जुआरी पाशों की तरफ खिंचा चला ही आता है
‘वसंतसेना’ दरिद्र ‘चारुदत्त’ से प्रेम करती है, ऐसा जानकर ‘मदनिका’ कहती है : क्या मंजरीरहित आमों पर मधुकारियां (भौरें) कभी बैठी हैं? वसंतसेना : तभी…
View More मृच्छकटिकम्-5 : जुआरी पाशों की तरफ खिंचा चला ही आता हैमृच्छकटिकम्-3 : स्त्री के हृदय में प्रेम नहीं तो उसे नहीं पाया जा सकता
पूजा पूरी करने के बाद ‘चारुदत्त’ फिर से मातृदेवियो को बलि देने जाने के लिए ‘मैत्रेय’ को आदेश देता है। लेकिन ‘मैत्रेय’ के मना कर…
View More मृच्छकटिकम्-3 : स्त्री के हृदय में प्रेम नहीं तो उसे नहीं पाया जा सकताबाहर कोई और आया, यह बताने कि बच्चे के अब्बा अस्पताल में हैं…
अदालत का फैसला हो चुका है। सरकारों की चाल-ढाल भी देख ली गई है। कमियों, खामियों, अनदेखियों और मनमानियों का यह पिटारा अनंत है। हो…
View More बाहर कोई और आया, यह बताने कि बच्चे के अब्बा अस्पताल में हैं…यह हमारी सरकारों की अंतहीन आपराधिक अनदेखी है
भोपाल ग्रुप फॉर इन्फॉर्मेशन एंड एक्शन के सतीनाथ षड़ंगी। भोपाल के फोटोग्राफरों को उनकी पीठ पर पड़े डंडों का नजारा याद है। पीड़ितों की आवाज…
View More यह हमारी सरकारों की अंतहीन आपराधिक अनदेखी हैसिर्फ तीन शख्सियतों ने गैस पीड़ितों के प्रति मानवीय संवेदनशीलता दिखाई
भोपाल गैस पीड़ित महिला उद्योग संगठन के संयोजक हैं अब्दुल जब्बार (उनका नवंबर 2019 में देहांत हो चुका है)। देश-दुनिया में एक जाना माना नाम।…
View More सिर्फ तीन शख्सियतों ने गैस पीड़ितों के प्रति मानवीय संवेदनशीलता दिखाईसरकार स्वर्णिम मध्यप्रदेश का नारा दे रही है, मुझे हंसी आती है
गैस पीड़ित निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष बालकृष्ण नामदेव की कहानी भी दिलचस्प है। जिंदगी किस मोड़ से लाकर कहां छोड़ जाए कौन जानता…
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