आज जब विश्व अगले चरण की औद्योगिक क्रान्ति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग के दौर में प्रवेश कर चुका है, तब संस्कृत के महत्त्व…
View More आज एआई और मशीन लर्निंग के दौर में संस्कृत भाषा फिर से चर्चा में क्यों है?Category: चहेते पन्ने
एक भावना, एक पत्र ‘रजिस्टर्ड डाक’ के नाम…जो सिर्फ चिट्ठी नहीं, आत्मा का दस्तावेज थी!
आगामी एक सितम्बर को भारतीय डाक की ‘रजिस्टर्ड सेवा’ औपचारिक रूप से समाप्त कर दी जाएगी। यह समाचार जितना सामान्य प्रतीत होता है, उतना है…
View More एक भावना, एक पत्र ‘रजिस्टर्ड डाक’ के नाम…जो सिर्फ चिट्ठी नहीं, आत्मा का दस्तावेज थी!दो लाख डेवलपर्स, 47 करोड़ लती…‘खेल दिवस’ पर जरा पैसों के इस खेल के पहलू भी समझें!
आज, 29 अगस्त को ‘राष्ट्रीय खेल दिवस’ होता है। ‘हॉकी के जादूगर’ मेजर ध्यानचंद की याद में यह आयोजन होता है, जिन्होंने अपने दौर में…
View More दो लाख डेवलपर्स, 47 करोड़ लती…‘खेल दिवस’ पर जरा पैसों के इस खेल के पहलू भी समझें!जय हो गणेश…“पत्रकार हैं हम, हमारे लिए भी ‘गणपति की कीमत’ कम नहीं करोगे?”
“पत्रकार हैं हम, हमारे लिए भी ‘गणपति की कीमत’ कम नहीं करोगे?” हाँ, यही शब्द सुनाई दिए थे उनके। अभी कल की ही बात थी,…
View More जय हो गणेश…“पत्रकार हैं हम, हमारे लिए भी ‘गणपति की कीमत’ कम नहीं करोगे?”दिव्यांगों पर अभद्र टिप्पणी! सच है, ऐसे बेहूदा हास्य को अभिव्यक्ति की आजादी कैसे कहें?
समय रैना। इन्हें न तो हास्य कलाकार कहा जा सकता है, और न कलाकार। हाँ, ‘कलहकार’ जरूर कह सकते हैं इन्हें, क्योंकि इनकी अमर्यादित भाषा…
View More दिव्यांगों पर अभद्र टिप्पणी! सच है, ऐसे बेहूदा हास्य को अभिव्यक्ति की आजादी कैसे कहें?क्या भारत-अमेरिका की कारोबारी लड़ाई का असर भारतीयों की नौकरियों पर पड़ने लगा है?
मैंने ऑरेकल (सूचना-तकनीक क्षेत्र की दिग्गज अमेरिकी कम्पनी) साल 2006 में छोड़ी क्योंकि मुझे वहाँ ऐसा लगने लगा था, जैसे मैं कोई सरकारी नौकरी कर…
View More क्या भारत-अमेरिका की कारोबारी लड़ाई का असर भारतीयों की नौकरियों पर पड़ने लगा है?आवारा की डायरी-1 : जख्म पर तुम्हारी यादों के फाहे रख दिए हैं
अनन्य की आँखों में नींद ही नहीं थी। यूँ तो रोज उसकी रात इतनी ही काली होती है, लेकिन आज तो अंधेरा छँटने का नाम…
View More आवारा की डायरी-1 : जख्म पर तुम्हारी यादों के फाहे रख दिए हैंसुख तो इन छह स्थितियों में है, तो क्या हम सुविधाओं के पीछे भागने के कारण दुखी हैं?
हम सबको सुख चाहिए, पर मिलता नहीं। आखिर क्यों? जबकि सच्चा सुख तो सामान्य सी इन छह स्थितियों में ही मिल सकता है। नीचे दिए…
View More सुख तो इन छह स्थितियों में है, तो क्या हम सुविधाओं के पीछे भागने के कारण दुखी हैं?“मैं दुनियाभर में शान्ति ला रहा हूँ, मुझे नोबेल शान्ति पुरस्कार दीजिए”
विश्व के सबसे शक्तिशाली कहलाने वाले देश अमेरिका के राष्ट्रपति, जिनके पास खुद अरबों का कारोबार है, दुनियाभर की सुविधाएँ हैं, वह भी बच्चों की…
View More “मैं दुनियाभर में शान्ति ला रहा हूँ, मुझे नोबेल शान्ति पुरस्कार दीजिए”प्रधानमंत्री ने लक्ष्य तय कर दिए हैं, अब यह हम पर है कि उन्हें कैसे और कब हासिल करते हैं!
उन्होंने अपना दृष्टि स्पष्ट तौर पर सामने रख दी है। देश के लिए लक्ष्य तय कर दिए हैं। इसके बाद अब यह हम पर है…
View More प्रधानमंत्री ने लक्ष्य तय कर दिए हैं, अब यह हम पर है कि उन्हें कैसे और कब हासिल करते हैं!