अपनी लड़ाई की हार जीत हमें ही स्वर्ण अक्षरों में लिखनी है

आसमान में एक लम्बी सफ़ेद धुएँ की लकीर रह गई है। मानो कोई बहुत तेजी से गुजरा हो अपने पीछे पूरा ग़ुबार छोड़कर। इस सबके…

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केंद्र के साफ निर्देश थे कि वॉरेन एंडरसन को भारत लाने की कोशिश न की जाए!

…केंद्र में सरकार तब राजीव गांधी की थी। लाल साहब के इस खुलासे (केंद्र सरकार की ओर से साफ निर्देश थे कि वॉरेन एंडरसन को…

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भगवान महावीर ने अपने उपदेशों में जिन तीन रत्नों की चर्चा की, वे कौन से हैं?

पृथ्वी पर तीन रत्न हैं। पहला- जल, दूसरा- अन्न और तीसरा- अच्छे बोल (पृथिव्यां त्रीणि रत्नानि जलमन्नं सुभाषितम्)। हम अक्सर जो भी बेहतर होता है, उसके…

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कानून मंत्री भूल गए…इंसाफ दफन करने के इंतजाम उन्हीं की पार्टी ने किए थे!

…केंद्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली को अब पता चला है कि इंसाफ दफन हो गया है। उनका यही कथन आज (आठ जून 2010) की पहली…

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एंडरसन को जब फैसले की जानकारी मिली होगी तो उसकी प्रतिक्रिया कैसी रही होगी?

इस पहले से तय फैसले और 25 साल पहले हुए हादसे में नया यह भी था कि इस बार तमाम टीवी चैनल भी मीडिया के…

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हादसे के जिम्मेदारों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए थी, जो मिसाल बनती, लेकिन…

फैसला सामने आते ही दोपहर बाद दिल्ली से लेकर भोपाल तक जानकारों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं… 25 साल (अब 37) से गैस त्रासदी के मामले…

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फैसला आते ही आरोपियों को जमानत और पिछले दरवाज़े से रिहाई

हादसे के बाद सात दिसंबर 1984 को एंडरसन भोपाल आया था। हनुमानगंज थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। वह 25 हजार के मुचलके पर रिहा…

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फैसला, जिसमें देर भी गजब की और अंधेर भी जबर्दस्त!

…भोपाल के लिए आज का दिन कुछ खास है। राजधानी की नई जिला अदालत से आज एक खास फैसला आने वाला है। एक ऐसा फैसला…

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गैस त्रासदी…जिसने लोकतंत्र के तीनों स्तंभों को सरे बाजार नंगा किया!

‘भोपाल गैस त्रासदी : आधी रात का सच’, यह ऐसी कहानी है, जिसमें एक अदालती फैसले के सिवाय नया कुछ नहीं है। भोपाल में ज्यादातर…

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जाे जिनेन्द्र कहे गए, वे कौन लोग हैं और क्यों?

इन्द्रियों को जीत लिया है जिस व्यक्ति ने, वह जिन या जिनेन्द्र आदि विशेषणों से पुकारा जाता है। भारतीय धर्म-दर्शन इन्द्रियों पर विजय पाने की महत्त्वपूर्ण चर्चा करता…

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