फर्जी तरीके से आयकर बचा रहें तो सुधर जाएँ, वरना जेल न हो जाए कहीं जेल न हो जाए!

टीम डायरी

जुलाई का महीना चल रहा है। सालाना आयकर रिटर्न भरने का वक्त है। इस दौरान बहुत से लोग आदतन फर्जी तरीकों से आयकर बचाने की कोशिश करते हैं। गलत तौर-तरीकों से छूट का दावा करते हैं। आय को कम दिखाते हैं। और तो और पूर्व में स्रोत पर काटे गए आयकर का रिफण्ड भी ले लेते हैं। हालाँकि, अब ऐसे लोगों को जेल की हवा खानी पड़ सकती है। आयकर विभाग ने ऐसे लोगों पर नकेल कसनी शुरू की है। 

सूचनाओं के अनुसार, मंगलवार 15 जुलाई को आयकर विभाग के आधिकारियों ने तमिलनाडु में 18 जगहों पर छापे मारकर कई लोगों को पकड़ा है। इनमें आयकरदाता तो हैं ही, फर्जीबाड़े में उनकी मदद करने वाले दलाल, आयकर के वकील, चार्टर्ड अकाउन्टेन्ट, आदि भी शामिल हैं। तिरुची, कोयम्बटूर, सलेम, मदुरै, चेन्नई, वेल्लोर, इरोड, तिरुवन्नमलाई, विल्लुपुरम, थेनी, शिवगंगाई, पुड्‌डुकोट्‌टई, विरुधनगर, और तिरुनेलवेली में छापे मारे गए हैं। बताया जाता है कि पकड़े गए लोग राजनीतिक दलों को चन्दा, ट्यूशन फीस, इलाज पर खर्च आदि के फर्जी बिल और जानकारियों की मदद से आयकरदाता की आय कम बताकर कर बचाने में लगे थे। 

दिलचस्प बात है कि आयकर कटौती का फर्जीबाड़ा करने वाले सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं हैं। दिल्ली, बिहार, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, असम, आदि राज्यों में भी सरकारी कर्मचारियों, पेंशनधारकों, सेना और अर्धसैनिक बलों के अफसरों-जवानों, आदि को निजी व्हाट्सएप समूह और टेलीग्राम चैनलों के जरिए उन्होंने अपनी सेवाएँ दी हैं। मतलब उन्होंने लोगों को फर्जी तरीके से आयकर बचाने और रिफण्ड लेने में मदद की है। अब आयकर विभाग के अधिकारी इस पूरे जाल-जंजाल को काटने और कार्रवाई करने में लग गए हैं। 

इसके साथ आयकर विभाग ने आम आयकरदाताओं के लिए चेतावनी भी जारी की है। विभाग की ओर से कहा गया है कि इस तरह के फर्जीबाड़े में न पड़ें और न ऐसे किन्हीं लोगों के झाँसे में आएँ जो आपको गलत तरीके से आयकर बचाने में मदद करने की पेशकश करते हों। अन्यथा जेल हो सकती है। 

समझ गए न? समझदार हैं, तो समझ ही गए होंगे।

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Neelesh Dwivedi

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