काम को संज़ीदगी से नहीं किया, तो समझो पत्ता साफ़?

टीम डायरी

कुछ लोगों की आदत होती है कि वे अपने ही काम के प्रति बहुत संज़ीदा नहीं होते। उसे चलताऊ तरीक़े से किया करते हैं। इसलिए उसमें ख़ामियाँ रह जाती हैं। इतना ही नहीं, उन ख़ामियों की वज़ह से अगर उन्हें टोका जाए तो वे लोग उल्टा आँखें दिखाने लगते हैं। हालाँकि इसका असर ये होता है कि इस क़िस्म को लोगों को अक्सर कहीं न कहीं से अपनी जगह खोनी पड़ती है। सादा भाषा में कहें तो उनका पत्ता साफ़ हो जाता है। लेकिन उन पर शायद इसका भी ज़्यादा असर नहीं पड़ता। नतीज़े में वक़्त के साथ-साथ उनकी प्रतिष्ठा भी कम होने लगती है।   

अपनी डिजिटल डायरी (#ApniDigitalDiary) के पॉडकास्ट ‘डायरीवाणी’  (#DiaryWani) की इस कड़ी में आज ऐसा ही एक दिलचस्प क़िस्सा। सुनिएगा…  

….और कोशिश कीजिए कि हम इस तरह के लोगों की भीड़ में शामिल न हों।

डायरीवाणी की पिछली कड़ियाँ (सुन सकते हैं) 

3- एक-दूसरे के साथ हमारी संगत या संगति कैसी हो, इस मिसाल से समझिए!
2- ज़िन्दगी में ‘मूड’ नहीं, बल्कि हमारा ‘मूव’ मायने रखता है
1- अहम मौक़ों अपने ज़मीर की सुनिए, तारीख़ में नायक बनेंगे!

सोशल मीडिया पर शेयर करें
Neelesh Dwivedi

Recent Posts

पर्यावरण दिवस, ईंधन बचाने की बातें और निजी कारों का ऐसा तमाम-जाम, दिलचस्प है न?

मैं बेंगलुरू में जहाँ रहता हूँ, वहाँ अपने घर के सामने रोज इस तरह का… Read More

3 hours ago

लिंक्डइन के जरिए नौकरी का जाल, चीन से पाँच देशों की जासूसी, भारतीय भी सावधान रहें!

लिंक्डइन के जरिए नौकरी का जाल बिछाकर, रोजगार की तलाश कर रहे लोगों को काम… Read More

1 day ago

‘शिक्षक’ ने अपने कौड़ी के ज्ञान से ‘पत्रकार’ को दो कौड़ी का साबित कर दिया, देखिए वीडियो!

देश की एक जानी-मानी ‘पत्रकार’ ने ऑनलाइन पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए कह दिया कि… Read More

2 days ago

क्या हम भारतीयों को सार्वजनिक नियम-कायदे मानने की तमीज नहीं? अभी बहस तो यही है!

अभी एक-दो दिन से मीडिया-सोशल मीडिया में यह बहस चल रही है कि हम भारतीयों… Read More

3 days ago

अपने हिस्से का योगदान दीजिए, वरना लू के थपेड़ों से रोज 3,400 लोग मरने लग जाएँगे!

एक नया अध्ययन हुआ है। इसमें भारत और उसके आस-पास के देशों में लगातार बढ़ती… Read More

4 days ago

इस लड़की ने दो लाख की नौकरी छोड़कर 60 हजार रुपए महीने में खुशी खरीदी है!

खुशी पाने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। ज्यादातर लोग अमूमन बड़ी से बड़ी नौकरी… Read More

5 days ago