सोनम वांगचुक से समझें, कैसे सुधरेंगे हमारे सरकारी स्कूल

टीम डायरी, 28/1/2022

सोनम वांगचुक को देश ही नहीं, दुनिया के दूसरे देशों में भी लोग जानते हैं। शिक्षाविद्। हमेशा नवाचार में लगे रहने वाले। हर समय देश के हित में सोचने वाले। उन्होंने कुछ समय पहले ही मराठी भाषा के ‘एबीपी माझा’ चैनल पर एक साक्षात्कार दिया। इसमें बताया कि भारत के सरकारी स्कूलों की दशा-दिशा कैसे सुधारी जा सकती है।

इस साक्षात्कार के दौरान वांगचुक ने जो मिसाल दी है, वह चौंकाती है। भूटान की, जो भारत के किसी एक शहर से भी छोटा देश है। लेकिन उसने काम निश्चित रूप से बहुत बड़ा किया है। इसीलिए यह मिसाल भारत जैसे कई देशों की आम जनता से लेकर शासक श्रेणी तक सबको सिखाती भी है। बताती है कि बदलाव हमसे शुरू होता है।

साक्षात्कार का इतना हिस्सा विभिन्न सामाजिक मंचों पर साझा किया जा रहा है। लाेग इस पर बात कर रहे हैं। इस पर बात होनी भी चाहिए। क्योंकि बात निकलेगी तो ही दूर तलक जाएगी। और हो सकता है, कभी शासक वर्ग के कानों तक भी पहुंचे। इसलिए इस सामाजिक, शैक्षिक ‘सरोकार’ में #अपनीडिजिटलडायरी भी सहभागी हुई है।

सोशल मीडिया पर शेयर करें
Apni Digital Diary

Share
Published by
Apni Digital Diary

Recent Posts

जनगणना हो रही है, जनसंख्या बढ़ रही है और आंध्र में आबादी बढ़ाने वालों को ‘इनाम’!

देश में जनगणना होने वाली है। मतलब जनसंख्या कितनी है और उसका स्वरूप कैसा है,… Read More

17 hours ago

एक यात्रा, दो मुस्लिम ड्राइवर और दोनों की सोच….सूरत-ए-हाल गौरतलब!

अभी एक तारीख को किसी जरूरी काम से भोपाल से पन्ना जाना हुआ। वहाँ ट्रेन… Read More

3 days ago

सेवा-तीर्थ में ‘भारतीय भाषाओं’ की सेवा नहीं हुई, आगे शायद ही हो!! वीडियो से समझिए!

भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर का उद्घाटन 13 फरवरी 2026 को हुआ। इसे… Read More

6 days ago

भ्रष्ट-आचार अब एक शिष्ट-विचार, इसे खत्म करना मुश्किल, दो उदाहरणों से समझिए कैसे?

‘भ्रष्ट’ का अर्थ है- जब कोई अपने धर्म (कर्तव्य-पथ) से दूर हट जाए और ‘आचार’… Read More

7 days ago

ईस्ट इण्डिया कम्पनी फिर ‘दफन’, और ‘गुलाम-सोच’ लिखती है- “सूरज डूब गया”!

ऐसी सूचना है कि अंग्रेजों की ईस्ट इण्डिया कम्पनी फिर दिवालिया हो गई और उसका… Read More

1 week ago