टीम डायरी, 23/9/2020
कोरोना संक्रमण से रेल राज्य मंत्री सुरेश अंगडी का निधन हो गया है। वे 65 साल के थे। बुधवार, 23 सितम्बर को उन्होंने दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में अन्तिम साँस ली। यहाँ उनका इलाज चल रहा था। वे 11 सितम्बर को कोरोना संक्रमित पाए गए थे। कोरोना महामारी से जान गँवाने वाले अंगडी पहले केन्द्रीय मंत्री हैं। वे कर्नाटक से भारतीय जनता पार्टी के लोक सभा सदस्य थे। उन्होंने 2004 से बेलगावी लाेक सभा सीट से लगातार चार चुनाव जीते थे। उनसे पहले उत्तर प्रदेश सरकार के दो मंत्रियों- चेतन चौहान और कमला रानी का भी कोरोना संक्रमण से निधन हो चुका है।
कोरोना के मामले में ही तीन राहत भरी सूचनाएँ
कोरोना के मामले में ही बुधवार को तीन राहत भरी सूचनाएँ भी सामने आईं। इनमें पहली ये कि लगातार पाँचवें दिन देश में कोरोना से ठीक होने वालों की संख्या, नए मिले मरीजों से ज्यादा रही है। इसके मुताबिक 23 सितम्बर को 83,347 नए मरीज मिले और 89,746 ठीक हुए। वहीं 22 सितम्बर को 75,083 नए मरीज मिले और 1,01,468 ठीक हुए। ऐसे ही 21 सितम्बर को 86,961 नए मरीज मिले और 93,356 ठीक हुए। इससे पहले 20 सितम्बर को 92,605 नए मरीज मिले और 94,612 ठीक हुए। जबकि 19 सितम्बर को 93,337 नए मरीज मिले और 95,880 ठीक हुए। ये आँकड़े केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के हैं।
इनमें दूसरी सूचना ये है कि मंगलवार, 22 सितम्बर को कोरोना के नए मरीजों की संख्या, बीते एक महीने में सबसे कम रही है।
जबकि तीसरी जानकारी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को ही हुई उच्च स्तरीय बैठक में सामने आई। विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों और स्वास्थ्य मंत्रियों के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में कोरोना महामारी के संक्रमण की समीक्षा की थी। इसमें पता चला है कि देश के 700 जिलों में से सिर्फ़ 60 ही ऐसे हैं, जहाँ कोरोना संक्रमण की स्थिति चिन्ताजनक है। ये 60 जिले सात राज्यों- महाराष्ट्र, आन्ध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब के हैं। लिहाजा, इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों से सम्बन्धित जिले या उसके सबसे प्रभावित क्षेत्र में एक-दो दिन की तालाबन्दी का उपाय आजमाने को कहा गया है।
संसद का मानसून सत्र सात दिन पहले ख़त्म
संसद का मानसून सत्र बुधवार, 23 सितम्बर को तय समय से सात दिन पहले ही खत्म हो गया। कोरोना महामारी के दौर में आयोजित यह पहला सत्र था। आख़िरी दिन विपक्षी सदस्यों के बहिर्गमन का फायदा सरकार को मिला। उसने राज्य सभा से सात महत्त्वपूर्ण विधेयक पारित करा लिए। संसद का यह सत्र 14 सितम्बर को शुरू हुआ था और 30 तारीख तक चलना था। इससे पहले मार्च के महीने में बजट सत्र भी कोरोना महामारी के शुरुआती दौर में 11 दिन पहले ही ख़त्म कर दिया गया था।
प्रधानमंत्री 2015 से अब तक 58 बार विदेश यात्रा पर गए, जिस पर 517 करोड़ रुपए खर्च हुए
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 2015 से अब तक 58 बार विदेश यात्रा की है। इस पर 517 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। राज्य सभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी सामने आई है। विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन की ओर से दिए गए उत्तर के अनुसार प्रधानमंत्री ने इस अवधि में सबसे ज्यादा पाँच-पाँच बार चीन, अमेरिका और रूस की यात्रा की है। हालाँकि 2020 में अब तक प्रधानमंत्री किसी भी देश की यात्रा पर नहीं गए हैं। देश और दुनिया में कोरोना संक्रमण का प्रसार इसका मुख्य कारण है। आख़िरी बार उन्होंने दिसम्बर-2019 में ब्राज़ील की यात्रा की थी।
ख़ुद को ईसा मसीह का अवतार बताने वाले को रूस में गिरफ़्तार किया गया
रूस की पुलिस ने सर्गेई तोरोप नाम के एक व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है। वह अपने आप को ईसा मसीह का अवतार बताता रहा है। पिछले तीन दशक से वह साइबेरिया के अन्दरूनी इलाके से अपना अलग सम्प्रदाय भी चला रहा था। वैसे, वह यातायात पुलिस का अधिकारी रहा है। उस पर अवैध धार्मिक संगठन चलाने, लोगों को भावनात्मक रूप से बरगलाने और उनसे पैसे ऐंठने का आरोप लगाया गया है।
नेपाल में चीन के अतिक्रमण का विरोध
चीन ने नेपाल के सीमावर्ती गाँव हुमला में अपने पक्के ठिकाने बना लिए हैं। सूचना है कि इस गाँव में चीन ने 11 इमारतें बनाई हैं। उसका यह भी दावा है कि ये गाँव उसके अधिकार क्षेत्र में आता है। चीन की इस हरकत से नेपाली नागरिकों में असन्तोष उभर रहा है। इसके कारण बुधवार, 23 सितम्बर को ही राजधानी काठमांडू में चीन के दूतावास के सामने नेपाली नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन भी किया है।
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