रील बनाने के चक्कर में ओडिशा के कोरापुट में युवक की जान चली गई।
टीम डायरी
यूट्यूब, इंस्टाग्राम, आदि पर रील बनाकर लोकप्रिय होने का पागलपन लगातार युवाओं को अपना शिकार बना रहा है। ताजा मामला ओडिशा के कोरापुट का है। वहाँ एक 22 साल का युवक इसी पागलपन की वजह से जलप्रपात के तेज बहाव में बह गया। हालाँकि अभी उसके निधन की पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन उसके बचने की सम्भावना शून्य ही है। कह सकते हैं कि उसने ‘रील’ बनाई और उसके लिए ‘रियल’ में जान गँवाई।
जाे जानकारी सामने आई उसके मुताबिक, सागर टुडु नाम का एक युवक यूट्यूब के अपने चैनल के लिए वीडियाे बनाया करता था। इस चैनल पर वह विशेष रूप से पर्यटनस्थलों के वीडियो और उनसे सम्बन्धित जानकारियाँ साझा करता था। इस सिलसिले में वह शनिवार, 23 अगस्त की दोपहर कोरापुट के डुडुमा जलप्रपात का वीडियो बनाने के लिए गया था। ड्रोन कैमरे से वह वीडियो बना रहा था। खुद भी पानी के बीच एक चट्टान पर खड़ा हुआ था। तभी अचानकर जलप्रपात में पानी का बहाव तेज हो गया और सागर वहीं बीचों-बीच फँस गया।
मौके पर मौजूद लोगों और उसके साथी ने किनारे से रस्सी डालकर उसे बचाने की काफी कोशिश की। इस बीच, वह कुछ देर तो चट्टान पर जैसे-तैसे पैर जमाए खड़ा रहा कि तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह पानी में बह गया। अधिकारियों के अनुसार, पूरे इलाके में भारी बारिश के कारण मचकुंद नदी पर बने बाँध से पानी छोड़ गया था। वही डुडुमा जलप्रपात में अचानक जलस्तर बढ़ने का कारण बना, जिसमें सागर की जान चले जाने की आशंका है। इसलिए कि अब तक उसका पता नहीं चला है, न ही शव मिला है।
इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा हे। इस घटना के बाद फिर यह सवाल और चिन्ताएँ उठने लगी हैं कि आखिर क्यों नई उम्र के लड़के-लड़कियाँ, खासकर ‘रील’ के खतरनाक खेल में उलझे हुए हैं? इस तरह जान पर खेलकर कुछ लाइक्स, कमेंट्स, हासिल करके कौन सी बड़ी क्रान्ति हो जा रही है? ऐसे जानलेवा खेल पर लगाम कब लगेगी और कैसे? कौन लगाएगा? किसी न किसी को तो पहल करनी होगी, रोकने की। क्या सरकार? या परिवारजान? या फिर हम स्वयं? निश्चित रूप से हम स्वयं और फिर हमारे परिजन इस खेल पर रोक लगाने की पहल करें, तो यह सरकार या किसी अन्य के प्रयासों से अधिक प्रभावी होगी।
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