इस वीडियो को भारत-पाकिस्तान के अतीत, वर्तमान और भविष्य के सन्दर्भ में देखिए!

टीम डायरी

बड़ा मजेदार वीडियो है। यह वीडियो किसने बनाया और इसके जरिए वह क्या बताना चाहता है, यह तो नहीं पता। मगर बीते तीन-चार महीनों से भारत-पाकिस्तान के बीच जो हालात हैं, इस वीडियो को देखते ही उनका ख्याल यकायक आ जाता है। बिल्कुल सटीक भी बैठ रहा है यह, दोनों मुल्कों के अतीत, वर्तमान और भविष्य के सन्दर्भ में। देखिए, आनन्द आएगा और एक दृष्टि भी मिलेगी।

इसमें भी आस-पड़ोस में दो बाड़े हैं। एक में बाघ है, और दूसरे में लकड़बग्घा। लकड़बग्घा बार-बार बाघ को उकसा रहा है। चुनौती दे रहा है। उसकी इस हरकत से बाघ आजिज आ चुका है। वह अब लकड़बग्धे को सबक सिखाने का मन बना चुका है। एक बार वह दोनों बाड़ों के बीच बनी दीवार (सीमारेखा) को फाँदने की कोशिश करता है। मगर वह दूसरी तरफ पहुँचता, इससे पहले ही लकड़बग्धा बच निकलता है। दूसरी तरफ से दूसरा बाघ हमलावर बा्घ काे पीछे भी खींच लेता है। लेकिन लकड़बग्घा पहले हमले के बाद भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। 

नतीजा? अगली बार बाघ ने दीवार फाँदी और लकड़बग्धे के बाड़े में घुसकर उसकी गर्दन दबोच ली। इसके बाद उस लकड़बग्धे का क्या हुआ, कहने की जरूरत नहीं। और इस मर्तबा वह दूसरा बाघ भी कुछ नहीं कर पाया, जिसने पहली बार हमलावर बाघ को पीछे खींच लिया था। तो अब इस कहानी में बाघ किसका प्रतिनिधित्त्व करता है और लकड़बग्घा किसका, यह बताने की जरूरत नहीं। लोग सब समझ ही चुके होंगै। फिर भी यह याद दिलाना तो बनता है कि भारत का राष्ट्रीय पशु ‘बाघ’ ही है। और ‘ऑपरेशन सिन्दूर’ जैसे अभियानों के दौरान अंतर्राष्ट्रीय समुदाय (दूसरा बाघ) हर बार भारत को पीछे खींचता रहा है। उससे ही संयम की अपेक्षा रखता है। मगर कब तक?     

लकड़बग्धे (पाकिस्तान का सेना प्रमुख ‘फेल्ड मार्शल’ आसिम मुनीर) ने अब अमेरिका की धरती से पड़ोस में कसमसा रहे बाघ (भारत) को फिर चुनौती दी है। कहा है कि अगर “पाकिस्तान का वजूद खतरे में आया, तो हम अपने साथ आधी दुनिया को ले डूबेंगे। याद रहे, हम परमाणु हथियार वाले मुल्क हैं।” अमेरिकी सेना की केन्द्रीय कमान के प्रमुख जनरल माइकल कुरिला की सेवानिवृत्ति समारोह में मुनीर ने कहा, “सिन्धु नदी जल सन्धि रोक कर हिन्दुस्तान से 25 करोड़ लोगों को भुखमरी की कगार पर ला दिया है। हम इंतजार करेंगे कि हिन्दुस्तान सिन्धु का पानी रोकने के लिए बाँध कब बनाता है। जैसे ही यह बाँध बनेगा, हम 10 मिसाइलें दागकर उसे फारिग (नष्ट) कर देंगे। हमें मिसाइलों की कमी नहीं है और सिन्धु हिन्दुस्तानियों की खानदानी जायदाद नहीं है।”

यहाँ यह भी बता दें कि अमेरिका में पाकिस्तान का एक कारोबारी है अदनान असद। उसकी इस वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन तक पहुँच है। उसी ने पहले मुनीर और ट्रम्प की मुलाकात का बन्दोबस्त किया और इस बार दूसरी यात्रा का इंतजाम किया। अमेरिका भी अपने कारोबारी हित साधने की गरज से भारत पर दबाव बनाने के लिए पाकिस्तान और मुनीर को शह दे रहा है।

लेकिन ये खेल भी कब तक? जवाब के लिए वीडियो एक बार फिर देखा जा सकता है!!

सोशल मीडिया पर शेयर करें
Neelesh Dwivedi

Share
Published by
Neelesh Dwivedi

Recent Posts

जनगणना हो रही है, जनसंख्या बढ़ रही है और आंध्र में आबादी बढ़ाने वालों को ‘इनाम’!

देश में जनगणना होने वाली है। मतलब जनसंख्या कितनी है और उसका स्वरूप कैसा है,… Read More

15 hours ago

एक यात्रा, दो मुस्लिम ड्राइवर और दोनों की सोच….सूरत-ए-हाल गौरतलब!

अभी एक तारीख को किसी जरूरी काम से भोपाल से पन्ना जाना हुआ। वहाँ ट्रेन… Read More

3 days ago

सेवा-तीर्थ में ‘भारतीय भाषाओं’ की सेवा नहीं हुई, आगे शायद ही हो!! वीडियो से समझिए!

भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर का उद्घाटन 13 फरवरी 2026 को हुआ। इसे… Read More

6 days ago

भ्रष्ट-आचार अब एक शिष्ट-विचार, इसे खत्म करना मुश्किल, दो उदाहरणों से समझिए कैसे?

‘भ्रष्ट’ का अर्थ है- जब कोई अपने धर्म (कर्तव्य-पथ) से दूर हट जाए और ‘आचार’… Read More

7 days ago

ईस्ट इण्डिया कम्पनी फिर ‘दफन’, और ‘गुलाम-सोच’ लिखती है- “सूरज डूब गया”!

ऐसी सूचना है कि अंग्रेजों की ईस्ट इण्डिया कम्पनी फिर दिवालिया हो गई और उसका… Read More

1 week ago