ये विज्ञापन है, पर हम प्रसार कर रहे हैं… ताकि किसी की आँखें खुल सकें!

टीम डायरी

ये विज्ञापन है। इस पर #अपनीडिजिटलडायरी का कोई कॉपीराइट नहीं। किसी तरह का अधिकार नहीं। जिन्होंने इसे बनाया है, सब कुछ उन्हीं का है। अलबत्ता सरोकार ज़रूर है #अपनीडिजिटलडायरी का, ऐसे प्रयासों से। इसीलिए डायरी अपनी तरफ से ऐसे हर प्रयास के प्रचार-प्रसार में अपनी एक आहुति देने से कभी पीछे नहीं हटती। कभी संकोच नहीं करती। यही कारण है कि हम इसका प्रसार कर रहे हैं, ताकि किसी की आँखें खुल सकें। 

इस वीडियो के बारे में अलग से कुछ-कहने सुनने की ज़रूरत नहीं। महज़ सात मिनट से भी कम समय-सीमा में यह हर किसी की आँखों की पट्‌टी हटाने में सक्षम है। यकीन न हो, तो ख़ुद देख लीजिएगा।

सोशल मीडिया पर शेयर करें
Neelesh Dwivedi

Share
Published by
Neelesh Dwivedi

Recent Posts

जनगणना हो रही है, जनसंख्या बढ़ रही है और आंध्र में आबादी बढ़ाने वालों को ‘इनाम’!

देश में जनगणना होने वाली है। मतलब जनसंख्या कितनी है और उसका स्वरूप कैसा है,… Read More

17 hours ago

एक यात्रा, दो मुस्लिम ड्राइवर और दोनों की सोच….सूरत-ए-हाल गौरतलब!

अभी एक तारीख को किसी जरूरी काम से भोपाल से पन्ना जाना हुआ। वहाँ ट्रेन… Read More

3 days ago

सेवा-तीर्थ में ‘भारतीय भाषाओं’ की सेवा नहीं हुई, आगे शायद ही हो!! वीडियो से समझिए!

भारत के प्रधानमंत्री कार्यालय के नए परिसर का उद्घाटन 13 फरवरी 2026 को हुआ। इसे… Read More

6 days ago

भ्रष्ट-आचार अब एक शिष्ट-विचार, इसे खत्म करना मुश्किल, दो उदाहरणों से समझिए कैसे?

‘भ्रष्ट’ का अर्थ है- जब कोई अपने धर्म (कर्तव्य-पथ) से दूर हट जाए और ‘आचार’… Read More

7 days ago

ईस्ट इण्डिया कम्पनी फिर ‘दफन’, और ‘गुलाम-सोच’ लिखती है- “सूरज डूब गया”!

ऐसी सूचना है कि अंग्रेजों की ईस्ट इण्डिया कम्पनी फिर दिवालिया हो गई और उसका… Read More

1 week ago