डॉक्टर हेडगेवार ने संघ (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) की स्थापना राष्ट्रवाद के भाव को हिन्दुओं के हृदय में जागृत करने तथा राष्ट्र के हित की रक्षा…
View More आरएसएस के 100 वर्ष : मात्र चार साल में ही कांग्रेस संघ को प्रतिद्वन्द्वी मानने लगी थी!Author: From Visitor
आवारा की डायरी-2 : जिन्दगी में मोहब्बत का साइक्लोन फिर दस्तक दे चुका था!
अनन्य बड़ी मुश्किल से अपनी बेकरारी को सँभालते हुए हवा को चीरता ठीक 9 बजकर 15 मिनट में अनन्या के कमरे के नजदीकी अमूल पार्लर…
View More आवारा की डायरी-2 : जिन्दगी में मोहब्बत का साइक्लोन फिर दस्तक दे चुका था!एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब भारत मोदी जी के नेतृत्त्व का शुक्रिया अदा करेगा
वैश्विक राजनीति में एक महीने का समय काफी लम्बा होता है। अभी कल तक ट्रम्प (अमेरिकी राष्ट्रपति) छुरी और बन्दूक लेकर मोदी जी के पीछे पड़े…
View More एक दिन ऐसा जरूर आएगा जब भारत मोदी जी के नेतृत्त्व का शुक्रिया अदा करेगापीढ़ियाँ बदलना स्वाभाविक है, लेकिन हर पीढ़ी की ताकत और सीख को समझना जरूरी है
भारत में गाँव और शहर में अनुभव अलग हैं। पीढ़ियों का असर और भी विविध है। गाँव के बच्चे आज भी पारम्परिक खेलों और सामाजिक…
View More पीढ़ियाँ बदलना स्वाभाविक है, लेकिन हर पीढ़ी की ताकत और सीख को समझना जरूरी है‘जेन-अल्फा’ वाले बच्चों को अनुरूप तरीके से कैसे पालें? ये कुछ सुझाव हैं
‘जेन-अल्फा’ यानि जेनरेशन-अल्फा मतलब साल 2010 के बाद पैदा हुए बच्चे। ये एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जो इससे पहले की किसी…
View More ‘जेन-अल्फा’ वाले बच्चों को अनुरूप तरीके से कैसे पालें? ये कुछ सुझाव हैंहिन्दी दिवस याद दिलाता है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि…!
भारत में भाषाओं और बोलियों की बहुत विविधता है। भाषा केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि यह हमारी पहचान, संस्कृति और समाज से जुड़ने का…
View More हिन्दी दिवस याद दिलाता है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि…!हिन्दी और भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की राह में यही ‘खण्डित मानसिकता’ बड़ी रुकावट है!
पिछले सप्ताह बहुत से सरकारी संस्थान, जिनमें कई केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भी शामिल रहे, ‘संस्कृत महोत्सव’ मना रहे थे। जबकि कल 14 सितम्बर है, और…
View More हिन्दी और भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की राह में यही ‘खण्डित मानसिकता’ बड़ी रुकावट है!कविता : प्रकृति की सीमा को, बाँध सका है कौन?
प्रकृति की सीमा को, बाँध सका है कौन?मानव यत्न तो छोटा वामन, बन गया है देखो गौण।नदी प्रवाह ले डूबा जलमग्न हो गए वे घर।जिनकी…
View More कविता : प्रकृति की सीमा को, बाँध सका है कौन?डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं, लेकिन उन्होंने ‘देहावसान’ को सहज स्वीकार किया है!
मुम्बई के केईएम (किंग एडवर्ड्स मेमोरियल) अस्पताल में शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) विभाग की प्रमुख रहीं डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं। पहले ही वाक्य में…
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मैं अपने ही देश के इतिहास के बारे में फिल्मों से जान रहा हूँ। सच कहता हूँ! मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था कि (इतिहास…
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