अमेरिका ने कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान की हवा निकाल दी। अभी पाँच फरवरी को पाकिस्तान ने ‘कश्मीर एकजुटता दिवस’ मनाया। अलग-अलग जगहों पर इससे…
View More अमेरिका ने कश्मीर पर पाकिस्तान की हवा निकाल दी, क्या इससे हमें खुश होना चाहिए?Author: Neelesh Dwivedi
मोबाइल ‘हमें हर पल देख-सुन रहा’ है, अब सरकारें और उसके मुखिया भी मानने लगे हैं!
मोबाइल फोन हर पल हमें देख-सुन रहा है। अब यह बात सरकारें और मुखिया तक मानने लगे हैं। प्रमाण के तौर पर अभी हाल ही…
View More मोबाइल ‘हमें हर पल देख-सुन रहा’ है, अब सरकारें और उसके मुखिया भी मानने लगे हैं!77वाँ गणतंत्र दिवस और एक सवाल-क्या ‘हम भारत के लोग’ गुलाम मानसिकता से आजाद हैं?
अंग्रेजों ने भारत को सिर्फ ऊपरी तौर पर गुलाम बनाकर नहीं रखा था। उन्होंने हमारी मानसिकता को भी गुलाम बना लिया था। इस मानसिक गुलामी…
View More 77वाँ गणतंत्र दिवस और एक सवाल-क्या ‘हम भारत के लोग’ गुलाम मानसिकता से आजाद हैं?विवाह पर लाखों खर्च करने वालों के लिए तेलंगाना के ये आईएएस-आईपीएस मिसाल हैं!
भारत में शादियों का मौसम शुरू हो चुका है। देश के लगभग सभी समुदायों में विवाह सामाजिक प्रतिष्ठा का विषय होता है। इस प्रतिष्ठा के…
View More विवाह पर लाखों खर्च करने वालों के लिए तेलंगाना के ये आईएएस-आईपीएस मिसाल हैं!ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने ऐसा क्या है, जिसकी तारीफ होनी चाहिए?
लोकतंत्र में सरकारों को ‘कल्याणकारी’ माना जाता है। यानि जनता के कल्याण का ध्यान रखने और उसके लिए जरूरी कदम उठाने वाली व्यवस्था। हालाँकि लोकतांत्रिक…
View More ओडिशा और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने ऐसा क्या है, जिसकी तारीफ होनी चाहिए?ये समाचार पढ़िए और सोचिए कि हमारी युवा पीढ़ी ऐसे भटकाव की शिकार क्यूँ है?
हमारी युवा पीढ़ी, हमारे किशोर कहाँ जा रहे हैं, कैसे गुमराह हो रहे हैं, इसकी मिसाल इन दो-तीन समाचारों में मिलती है। पहला समाचार उदयपुर,…
View More ये समाचार पढ़िए और सोचिए कि हमारी युवा पीढ़ी ऐसे भटकाव की शिकार क्यूँ है?‘दुर्योधन’ पर भरोसा रखो, युद्ध तो होकर रहेगा! देखिए, ‘आज के दुर्योधन’ कहाँ-कौन हैं!!
महाभारत युद्ध से ठीक पहले का प्रसंग है। धर्मराज युधिष्ठिर चाहते थे कि किसी तरह युद्ध टाला जा सके तो अच्छा हो। आखिर युद्ध से…
View More ‘दुर्योधन’ पर भरोसा रखो, युद्ध तो होकर रहेगा! देखिए, ‘आज के दुर्योधन’ कहाँ-कौन हैं!!जो जान बचाने आए, वे अपनी जान बचाते रहे, और वह जान से हाथ धो बैठा!
गोस्वामी तुलसीदास जी श्रीरामचरित मानस में लिख गए हैं, “का वर्षा जब कृषि सुखाने, समय चुके पुनि का पछताने।” मतलब ऐसी बारिश किस काम की…
View More जो जान बचाने आए, वे अपनी जान बचाते रहे, और वह जान से हाथ धो बैठा!नोबेल की लूट है, लूटत बने तो लूट…, और डोनाल्ड ट्रम्प नोबेल लूट ले गए!
कबीर दास जी कह गए थे, “राम नाम की लूट है, लूट सके तो लूट। पाछे फिर पछताएगा, प्राण जाहि जब छूट।।” लगता है अमेरिकी…
View More नोबेल की लूट है, लूटत बने तो लूट…, और डोनाल्ड ट्रम्प नोबेल लूट ले गए!लत व्यायाम की भी बुरी, शरीर की उम्र दोगुनी तक बढ़ सकती है, जैसे इनकी बढ़ी!
लत कोई भी हो, बुरी ही होती है। भले वह व्यायाम की ही क्यों न हो। अधिक व्यायाम की लत से भी लोगों को कई…
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