इस मार्च महीने की तीन तारीख़ को दुनियाभर में
View More सावधान…ये जो कान में अपन इयरफोन ठूँस लेते हैं न, यह हमें बहरा बना रहे हैं!Tag: अपना पन्ना
जब भी कोई अच्छा कार्य करोगे, 90% लोग तुम्हारे खिलाफ़ होंगे
गर्मी की छुट्टियाँ थीं और मैं उस दिन आराम से घर के कामकाज में व्यस्त थी। तभी किसी अज्ञात नम्बर से फोन आया। उधर से…
View More जब भी कोई अच्छा कार्य करोगे, 90% लोग तुम्हारे खिलाफ़ होंगेअच्छी चीज़ों का प्रसार कीजिए, नहीं तो कोई ख़राब चीज़ें फैलाएगा
ज़िन्दगी में हम जिन चीज़ों को मूल्यवान समझते हैं, या जिनकी क़द्र करते हैं, उसे हम सबसे साझा भी करते हैं। अगर हम पान का…
View More अच्छी चीज़ों का प्रसार कीजिए, नहीं तो कोई ख़राब चीज़ें फैलाएगा‘संस्कृत की संस्कृति’ : सुनना बड़ा महत्त्वपूर्ण है, सुनेंगे नहीं तो बोलेंगे कैसे?
सुनना बड़ा महत्त्वपूर्ण कार्य है। सुनेंगे नहीं तो बोलेंगे कैसे? इस लिहाज से कभी सोचा है क्या कि ‘मूक-बधिर’ शब्द युग्म शब्द क्यों है? दरअस्ल,…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : सुनना बड़ा महत्त्वपूर्ण है, सुनेंगे नहीं तो बोलेंगे कैसे?सुनिएगा, एक अच्छी रचना…: कैसे करूँ शिक़वा या गुज़ारिश तुमसे
जब मैंने तुमसे सिर्फ तुम्हारा समर्पण माँगा,सच कहूं तो केवल अपना सुख ही चाहा था।जो मैं सच्चा रिझवार हो जाता प्रियवर,अगन में तुम्हारी जलकर फ़ना…
View More सुनिएगा, एक अच्छी रचना…: कैसे करूँ शिक़वा या गुज़ारिश तुमसेदेशराज वर्मा जी से मिलिए, शायद ऐसे लोगों को ही ‘कर्मयोगी’ कहा जाता है
कुछ दिनों पहले देशराज वर्मा सर से बात हुई। उनसे बातचीत का जिक्र इसलिए कर रही हूँ क्यूँकि निश्चित ही मेरी दृष्टि में उनकी गणना…
View More देशराज वर्मा जी से मिलिए, शायद ऐसे लोगों को ही ‘कर्मयोगी’ कहा जाता हैदड़बा-ए-नाटो में घुसने को तैयार ‘बागड़ बिल्ले’ के गले में घंटी कौन बाँधेगा?
शनिवार 10 फरवरी को दक्षिण कैरोलिना की एक चुनाव रैली में अमेरिका के पूर्व राष्ट्राध्यक्ष डोनाल्ड ट्रम्प ने एक वक्तव्य दिया। लब्बो-लुआब यह था कि…
View More दड़बा-ए-नाटो में घुसने को तैयार ‘बागड़ बिल्ले’ के गले में घंटी कौन बाँधेगा?‘संस्कृत की संस्कृति’ : मैं ऐसे व्यक्ति की पत्नी कैसे हो सकती हूँ?
वेद के छह अङ्गों में एक अङ्ग व्याकरण है, जिसके विषय में सामान्य तौर पर हमने पूर्व की कड़ियों (नीचे उनकी लिंक्स दी गई हैं,…
View More ‘संस्कृत की संस्कृति’ : मैं ऐसे व्यक्ति की पत्नी कैसे हो सकती हूँ?यांत्रिक हो रही ज़िन्दगी का मक़ाम क्या होगा?
जिस रफ़्तार से हम अपनी ज़िन्दगी में मशीन-रसायनों का समावेश कर रहे हैं, हमारे शहर उसी अनुपात में मानवीय चेतना और भावना विहीन होते जा…
View More यांत्रिक हो रही ज़िन्दगी का मक़ाम क्या होगा?‘नट’ राग सीखिए राजनीति में सफल होना है तो, और ‘दरबार’ में सफलता के लिए ‘दरबारी’!
बीते कुछ समय से देश की सियासत में मची उछलकूद देखकर कुछेक सालों पहले का एक वाकिआ याद आ गया। तब किसी ने दफ़्तर में…
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