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चीन ने यूट्यूब, अमेजॉन, जैसे सॉफ्टवेयर बना लिए, भारत नही बना पाया, क्योंकि…!

चीन ने ‘बाइडू’ बना लिया क्योंकि वहाँ की सरकार ने गूगल को अनुमति नहीं दी। चीन ने ‘अलीबाबा’ बनाया, क्योंकि वहाँ की सरकार ने अमेजॉन…

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Bold Italic

कविता : बोल्ड और इटैलिक से परे..

सभी कविताएँ कविता नहीं हो पातीं।उन्हें खा जाते हैं,दूसरे अनुभवी कवियों की कविताएँ याउसी कविता के शब्द,जो लिखें हों इटैलिक या ‘बोल्ड’ में। फलत: कवि…

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Deepak and his Daughter

हे सखी, मैं भी मनुष्यता की ओर बढ़ने के लिए स्त्रीत्व पाना चाहता हूँ!

हे सखी तुम्हें यह पत्र लिखते हुए मैं सिर्फ तुम्हें नहीं अपितु संसार की समस्त नारी शक्ति को ही सम्बोधित कर रहा हूँ, क्योंकि स्त्री…

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Cough-Syrup Death

दूषित कफ सीरप से 22 मासूमों की मौत के बाद क्या अब बंद आँखें खुलेंगी?

मध्य प्रदेश और राजस्थान में हुई 22 मासूम बच्चों की मौतों ने एक बार फिर यह उजागर किया है कि भारत में गरीब परिवार कितने…

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Karwa-Chauth

करवा चौथ को न तो केवल रूढ़िवादिता समझें और न इसे सिर्फ दिखावे का त्योहार बनाएँ!

भारतीय संस्कृति का एक लोकप्रिय पर्व है करवा चौथ। इसकी परम्परा प्रेम और समर्पण से जुड़ी है, लेकिन आधुनिक समाज में यह त्योहार समानता और…

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Chanakya

करीब 2,500 साल पुरानी चाणक्य की सोच और सबक आज भी प्रासंगिक कैसे है?

क्या कभी किसी ने हमें-आपको बताया कि सिकन्दर को भारत की सीमा के भीतर अपने आधिपत्य का विस्तार करने से वास्तव में चाणक्य ने रोका…

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Medha-Kulkarni

सांसद मेधाताई कुलकर्णी, जिनके पास सच कहने का साहस है और सलीका भी!

राजनेताओं को मैं आमतौर पर बहुत पसन्द नहीं करता, लेकिन आज मैं यहाँ एक ‘छोटी’ राजनेता की प्रशंसा में लिख रहा हूँ। पिछले 75 वर्षों…

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Bundelkhand

जहाँ के पत्थर भी ‘हीरा’, वह बुन्देलखण्ड अपनी अलग पहचान कब पाएगा और कैसे?

‘हीरे’ का आशय सिर्फ हीरे से मत निकालिए, बल्कि उन बहुमूल्य खनिजों से इसका अर्थ जोड़िए जो हर कहीं उपलब्ध नहीं होते। हालाँकि बुन्देलखण्ड के…

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Dr-Mohan-Bhagwat

“इस वैश्विक स्थिति में स्वावलम्बी भारत ही अपनी शर्तों पर स्वाभिमान के साथ खड़ा रहेगा”

डॉक्टर केशव बलिराम हेडगेवार जी ने आज से 100 वर्ष पूर्व जिस राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का बीजारोपण किया था, वह आज शतायु होकर एक…

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GST 2.0

जीएसटी ‘भूल-सुधार उत्सव’ : श्रेय किसको, राहुल गाँधी या बिहार चुनाव?

केन्द्र सरकार के आर्थिक सलाहकारों को आखिरकार समझदारी का परिचय देते हुए जनता की आवाज सुनने पर मजबूर होना पड़ा है। इसी के तहत, उन्होंने…

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