बहुत हुआ,फ्लैश,झिलमिल,स्मॉग लाइट से ,जगमग जग,आओ!मिटाएँ अँधेरा अन्दर का। लो एक मार्जक,खुरदरा,खुरचो!वहाँ,जहाँ होने थे,रंग – सरल,न बिखरे शब्द ,भले विरल। वे शब्द जो,जताते हैं,अभिजात और…
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अगर हम अभी नहीं जागे, तो हर जगह सिर्फ ‘फर्जी कन्टेन्ट’ ही देखते रह जाएँगे!
मैं हाल ही में एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) से बनाए एक कन्टेन्ट से बेवकूफ बन गया। मैंने दुनिया की एक मशहूर हस्ती से जुड़ा वीडियो पूरे…
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने शानदार 100 साल पूरे कर लिए हैं। इस उपलब्धि को ध्यान में रखते हुए इस राष्ट्रवादी संगठन के बारे…
View More अभी कई और ‘ठोस’ काम करने होंगे आरएसएस को…, कर सकेगा क्या?भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई सेवानिवृत्त हो रहे हैं, मगर सवाल छोड़ जा रहे हैं
भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई सेवानिवृत्त हो रहे हैं। उनकी जगह नए मुख्य न्यायाधीश को चुने जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। अगले…
View More भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई सेवानिवृत्त हो रहे हैं, मगर सवाल छोड़ जा रहे हैंसमय है जब हमें गोवर्धन पूजा की व्याख्या नए अर्थों में देखनी चाहिए, जीवनशैली के रूप में
दीपावली केवल लक्ष्मी के आगमन का नहीं बल्कि आत्ममंथन का भी समय है। जब हम घर के हर कोने की धूल झाड़ते हैं, तो दरअसल…
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घर में जब अकेले रह जाते हैं त्यौहारों पर बुजुर्ग।तब दादा-दादी की आँखों में उजियारा नहीं होता।बूढ़ी आँखें तरस जाती हैं-अपनों का साथ पाने को।जब…
View More कविता : जब सालभर में भी दीवाली पर बच्चे घर नहीं आते..!!संघ को बधाई, लेकिन बहुत कुछ बाकी है अभी
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने अपने गौरवशाली 100 वर्ष पूरे कर लिए हैं, जिसके लिए यह राजनीतिक-सांस्कृतिक संगठन हार्दिक प्रशंसा का पात्र है। ब्रिटिश भारत…
View More संघ को बधाई, लेकिन बहुत कुछ बाकी है अभीधनतेरस : धन का उययोग विलासिता के लिए नहीं, स्वास्थ्य और जीवन-रक्षा के लिए हो
धनतेरस का नाम लेते ही आँखों के सामने दीपों की उजास, सोने-चाँदी की झिलमिलाहट, बाजारों का रौनकभरा शोर और पूजा की तैयारियों में जुटे घर-घर…
View More धनतेरस : धन का उययोग विलासिता के लिए नहीं, स्वास्थ्य और जीवन-रक्षा के लिए होदीवाली ‘मनाते’ हुए उन लोगों की खुशियों का भी ध्यान रखें जो हमारी दीवाली ‘बनाते’ हैं!
‘दीवाली’ सुनने में कितना मिठास भरा शब्द है न? दीवाली एक ऐसा त्योहार है, जिसे मनाने के लिए किसी धर्म की जरूरत नहीं। इस देश…
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अनन्या के हाथ ने जैसे ही अनन्य को छुआ उसे अपने जीवन के पहले प्रेम प्रसंग की याद आ गई, जिसे उसने जवानी की दहलीज…
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