जब हमारा नजरिया संकीर्ण होता है, तो हम सामने हाजिर मजमून को ही बेजा अहमियत दे देते हैं। यह भूल स्वाभाविक है। हाल के दिनों…
View More ध्यान रखिए, भविष्य में दुनिया अगर बचेगी तो भारत के यथार्थ ज्ञानतंत्र से ही!Tag: अपना पन्ना
अरावली बंजर भूमि नहीं जीवित अवसंरचना है, इसे सिर्फ ऊँचाई से मत नापिए
अरावली पर्वतमाला विश्व की सबसे प्राचीन पर्वत शृंखलाओं में से एक है। यह पश्चिमी भारत में एक मौन पारिस्थितिक प्रहरी के रूप में सदियों से…
View More अरावली बंजर भूमि नहीं जीवित अवसंरचना है, इसे सिर्फ ऊँचाई से मत नापिएधुरंधर : तमाम अस्वीकरण के बावजूद साफगोई से अपनी बात कहने वाली फिल्म!
फिल्में कालखण्ड का प्रतिनिधित्त्व करती हैं। वे अपने समय के भाषा-विचार, बिम्ब-पूर्वाग्रह-तकनीक और मूल्यों का चित्रण करती हैं। लेकिन कुछ फिल्में प्रवाहमान काल के बदलावों…
View More धुरंधर : तमाम अस्वीकरण के बावजूद साफगोई से अपनी बात कहने वाली फिल्म!इण्डिगो संकट : क्या भारत सरकार अब वन्दे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के बारे में सोचेगी?
देश में अभी हाल ही में उपजे ‘इण्डिगो संकट’ ने लोगों को ट्रेनों, बसों और निजी कारों की तरफ मुड़ने के लिए मजबूर कर दिया…
View More इण्डिगो संकट : क्या भारत सरकार अब वन्दे भारत ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के बारे में सोचेगी?एक बालक ने वैदिक मंत्रों का ‘दण्डक्रम पारायण’ किया तो मजाक की क्या बात है?
एक बालक है, जिसका नाम है देवव्रत महेश रेखे। उम्र महज 19 साल है। उसने अभी पिछले सप्ताह ही शुक्ल-यजुर्वेद (कृष्ण-यजुर्वेद भी है) की ‘माध्यन्दिन…
View More एक बालक ने वैदिक मंत्रों का ‘दण्डक्रम पारायण’ किया तो मजाक की क्या बात है?देशभर में बीएलओ की आत्महत्याओं का कारण एसआईआर है या कुछ और?
शायद अधिकांश लोग कोरोना का समय भूल गए होंगे। मैं नहीं भूला। कैसे भूलूँ? उन दिनों मुझे लगभग 45 दिन बिना एक भी अवकाश के…
View More देशभर में बीएलओ की आत्महत्याओं का कारण एसआईआर है या कुछ और?कुछ बड़ा करने के लिए सबसे जरूरी है खुद पर भरोसा, ऋग्वेद के उदाहरण से समझें
यह ज्ञान हम भारतीयों के पास बीते 10,000 से भी अधिक वर्षों से उपलब्ध है कि पृथ्वी गोल है और सूर्य का प्रकाश एक बार…
View More कुछ बड़ा करने के लिए सबसे जरूरी है खुद पर भरोसा, ऋग्वेद के उदाहरण से समझेंबिहार चुनाव : मुफ्त की रेवड़ियाँ क्या अब वोट बटोरने का ‘प्रभावी’ साधन बन गई हैं?
बिहार में ‘एनडीए’ की प्रचण्ड जीत लगभग पूर्वनिर्धारित नतीजा थी, क्योंकि राज्य ने बड़ी संख्या में महिला मतदाताओं को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के लिए सरकारी…
View More बिहार चुनाव : मुफ्त की रेवड़ियाँ क्या अब वोट बटोरने का ‘प्रभावी’ साधन बन गई हैं?वैश्विक अर्थव्यवस्था के दुष्चक्र में फँसा भारत इससे बाहर कैसे निकल सकता है?
अमेरिका आज भ्रमित है। वहीं जोहरान ममदानी (अमेरिका के विपक्षी दल- डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता और वहाँ के प्रमुख शहर न्यूयॉर्क के नवनिर्वाचित भारतवंशी महापौर)…
View More वैश्विक अर्थव्यवस्था के दुष्चक्र में फँसा भारत इससे बाहर कैसे निकल सकता है?मिताली राज के हाथ में ट्रॉफी और रोहित शर्मा की आँखों में ऑसू, इसके पीछे कहानी है!
भारत की महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीत लिया। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में दो नवम्बर, रविवार को यह एक सुनहरा पन्ना दर्ज हो…
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