ये आवाज़ अमित साहू की है। ये जो कविता पढ़ रहे हैं, वह भी इन्हीं की है। अमित वैसे तो, भारतीय निर्यात-आयात बैंक के सबसे…
View More दोबारा जन्म हुआ तो ख़ुदा से माँग के आऊँगा…Tag: डायरीवाणी (पॉडकास्ट)
सुनिएगा… ज़ीनत की कविता, देवांशी की आवाज़ में… Mistakes are a part of life
*Yes, mistakes are a part of life-They teach us, how to survive-They sometimes appear as a knife-But yes, they are a part of life*It is…
View More सुनिएगा… ज़ीनत की कविता, देवांशी की आवाज़ में… Mistakes are a part of lifeकाम को संज़ीदगी से नहीं किया, तो समझो पत्ता साफ़?
कुछ लोगों की आदत होती है कि वे अपने ही काम के प्रति बहुत संज़ीदा नहीं होते। उसे चलताऊ तरीक़े से किया करते हैं। इसलिए…
View More काम को संज़ीदगी से नहीं किया, तो समझो पत्ता साफ़?एक-दूसरे के साथ हमारी संगत या संगति कैसी हो, इस मिसाल से समझिए!
जिसे भी देखिए, वो अपने आप में ग़ुम है। ज़ुबाँ मिली है, मगर हमज़ुबाँ नहीं मिलता।। यह मशहूर शेर हम में अधिकांश लोगों की ज़िन्दगी की…
View More एक-दूसरे के साथ हमारी संगत या संगति कैसी हो, इस मिसाल से समझिए!ज़िन्दगी में ‘मूड’ नहीं, बल्कि हमारा ‘मूव’ मायने रखता है
हम अक्सर मूड को अपने ऊपर हावी पाते हैं। यानी जब मूड हुआ तो कोई काम करेंगे, और नहीं हुआ तो नहीं करेंगे। इससे हमेशा…
View More ज़िन्दगी में ‘मूड’ नहीं, बल्कि हमारा ‘मूव’ मायने रखता हैअहम मौक़ों अपने ज़मीर की सुनिए, तारीख़ में नायक बनेंगे!
अहम मौक़ों पर अक़्सर हम ख़ुद को दोराहे पर खड़ा पाते हैं। क्या करें, क्या न करें? क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए? ऐसे…
View More अहम मौक़ों अपने ज़मीर की सुनिए, तारीख़ में नायक बनेंगे!,एक कविता….. ‘क़ातिल ऐशगाह!’
देर रात भूखे कुत्तों को पैकबंद फूड लिए घूमते हैं शफ़ीक़। वह बेक़सूर जानवरों के मुर्दा ज़िस्मों से बना होता है।।नेकी-पुण्य कमाने के लिए जो…
View More ,एक कविता….. ‘क़ातिल ऐशगाह!’यक़ीन दिलाता है तुम्हारा सजदा, कि…..!
यक़ीन दिलाता है तुम्हारा सजदा,कि जीत लिया तुमको मैंने, हरदम के लिए। अब नहीं रोक सकता मुझे कोई,मुक्ति की अपनी राह, ख़ुद चुनने के लिए।…
View More यक़ीन दिलाता है तुम्हारा सजदा, कि…..!अगर पेड़ भी चलते होते…. तो क्या होता? सुनिएगा!
अगर पेड़ भी चलते होतेअगर पेड़ भी चलते होतेकितने मज़े हमारे होतेबांध तने में उसके रस्सीचाहे जहाँ कहीं ले जाते जहाँ कहीं भी धूप सतातीउसके…
View More अगर पेड़ भी चलते होते…. तो क्या होता? सुनिएगा!चार लाइनों में सुनिएगा…. पुरुष और स्त्री मन के सोचने के भिन्न तरीकों के बीच बहता जीवन!
पुरुष और स्त्री के सोचने के तरीक़े में फ़र्क होता है। सभी जानते हैं। लेकिन इस अन्तर की गहराई की थाह कुछेक लोग ही ले…
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