इसी सोमवार, मंगलवार से देश भर में गणेशोत्सव की धूम शुरू हो गई। अब 10 दिन तक यूँ ही चलने वाली है। इस दौरान लगातार…
View More गणेशोत्सव का सन्देश : सर्जन, अर्जन और फिर विसर्जन… यही जीवन है!Tag: रोचक-सोचक
‘उनके मीडिया’ का बहिष्कार : हम्माम में सब नंगे हैं, पहले सुना था, अब देख भी रहे हैं
अभी 13 सितम्बर को एक ख़बर आई कि कांग्रेस के नेतृत्त्व वाले विपक्षी दलों के गठबन्धन ने देश के 14 नामी पत्रकारों और कुछ न्यूज़
View More ‘उनके मीडिया’ का बहिष्कार : हम्माम में सब नंगे हैं, पहले सुना था, अब देख भी रहे हैंभारतीय परम्परागत अर्थशास्त्र और आधुनिक सोच वाले इकॉनमिक्स में क्या फ़र्क है?
उपनिवेशी भड़िहाई – 3 जिस तरह धर्म का शास्त्र, काम का शास्त्र और मोक्ष का शास्त्र होता है, वैसे ही हमारी भारतीय परम्परा में अर्थ…
View More भारतीय परम्परागत अर्थशास्त्र और आधुनिक सोच वाले इकॉनमिक्स में क्या फ़र्क है?भाषा के नाम पर राजनीति करने वालों को ‘दक्षिण में हिन्दी’ से जुड़ी ये ख़बर पढ़नी चाहिए
आज, 14 सितम्बर को ‘हिन्दी दिवस’ मनाया गया। मीडिया और सोशल मीडिया में पूरे ज़ोर-शोर से रस्में हुईं। हालाँकि यह बात दीगर है कि रस्म-अदायगी…
View More भाषा के नाम पर राजनीति करने वालों को ‘दक्षिण में हिन्दी’ से जुड़ी ये ख़बर पढ़नी चाहिए‘शिक्षा’ वेदांग की नाक होती है, और नाक न हो तो?
भाषा के तौर पर संस्कृत की तकनीक और उसका सौन्दर्य अतुलनीय है। हम क्रमश: इसके तकनीक पक्ष पर दृष्टि डालेंगे। तो, सामान्य जन को भाषा…
View More ‘शिक्षा’ वेदांग की नाक होती है, और नाक न हो तो?जी-20 के लिए चमचमाती दिल्ली की पर्दों से ढँकी स्याह हक़ीक़त!
मानव मनोविज्ञान के अनुसार हर चमचमाती चीज हमें अपनी तरफ़ आकर्षित करने में कारग़र होती है। लेकिन क्या ये ज़रूरी है कि उसके पीछे का…
View More जी-20 के लिए चमचमाती दिल्ली की पर्दों से ढँकी स्याह हक़ीक़त!‘लाड़ली बहना’! हमें कोई मूर्ख बनाता नहीं, हम बनते हैं, अपने लालच, भय, अज्ञानता से
मध्य प्रदेश जैसे कुछ राज्यों में जहाँ चुनाव आने वाले हैं, वहाँ इन दिनों जनता में ‘मूर्ख बनने’ की होड़ लगी हुई है। हाँ, क्योंकि…
View More ‘लाड़ली बहना’! हमें कोई मूर्ख बनाता नहीं, हम बनते हैं, अपने लालच, भय, अज्ञानता से‘श्रीकृष्ण के कर्मयोग के साधक’ डॉ. रवि कन्नन, जन्माष्टमी पर इन कैंसर विशेषज्ञ को जानिए!
आज जन्माष्टमी है। रस्मअदायगी के तौर पर मीडिया-सोशल मीडिया में श्रीकृष्ण के जीवन से मूल मंत्र लेकर सबको बाँटे जा रहे हैं। आम बोल-चाल की…
View More ‘श्रीकृष्ण के कर्मयोग के साधक’ डॉ. रवि कन्नन, जन्माष्टमी पर इन कैंसर विशेषज्ञ को जानिए!संस्कृत एक तकनीक है, एक पद्धति है, एक प्रक्रिया है…!
भाषा की दृष्टि से समझने पर संस्कृत मात्र विचारों के आदान प्रदान की माध्यम प्रतीत नहीं होती। वास्तव में संस्कृत एक तकनीक है, एक पद्धति…
View More संस्कृत एक तकनीक है, एक पद्धति है, एक प्रक्रिया है…!आज की ‘अहिंसा’ क्या है? और ‘जीवो जीवस्य जीवनम्’ का क्या अर्थ है?
उपनिवेशी भड़िहाई – 2 पिछले लेख में हमने देखा उपनिवेशी भड़िहाई (चोरी) का प्रधान हथियार छद्म होता है। उपनिवेशी तानाशाही का लक्ष्य भारत में अपनी…
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