Nikobar

‘आदिम’, निकोबार से निकलो बाहर!! क्या सरकार अब यह कहना चाह रही है?

राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) ने अण्डमान-निकोबार बन्दरगाह परियोजना को मंजूरी दे दी। अभी 16 फरवरी, सोमवार को

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No to physical relation

शादी से पहले शारीरिक सम्बन्ध को ‘न’, अगर यह सोच ‘पुरातनपंथी’ है तो भी क्या बुराई है?

अगर इन सभी प्रश्नों का उत्तर ‘हाँ’ में है, तो सोचिए कि इस तरह की समस्या का निदान क्या है? क्या थोड़ी पुरातनपंथी सोच बनाए रखने में कोई बुराई है, अगर उसके जरिए समाधान मिलता हो तो? हमारा चरित्र, हमारा व्यक्तित्त्व, हमारा भविष्य सुरक्षित, बेदाग रहता हो तो? निश्चित रूप से, ऐसी पुरातनपंथी में कोई बुराई नहीं है।

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Ruchi Tiwari

भारत में सवर्ण होना क्या अब अपराध है, देखिए यह वीडियो और सोचकर बताइए!

दिल्ली विश्वविद्यालय जहाँ से पूरे देश में शैक्षिक ही नहीं अपितु सामाजिक क्रान्तियों के सूत्रपात होते हैं। उसी विश्वविद्यालय में जहाँ स्त्री-विमर्श (फेमिनिज्म) के झण्डे…

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vande-mataram

राष्ट्रगीत वन्देमातरम् अब आधा नहीं पूरा गाना होगा, खड़े भी होना होगा, अनिवार्य हुआ!

राष्ट्रगीत वन्देमातरम् अब आधा नहीं गाया जाएगा। हर सरकारी समारोह में इसे पूरा गाना होगा। यानी इसके छह में से छहों अंतरे गाए जाएँगे। इन्हें…

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Child in womb

विज्ञान कहता है- बच्चे को लय-ताल की समझ गर्भ में ही हो जाती है, तो क्या अचरज यदि…!

भारतीय ज्ञान परम्परा को पश्चिम का विज्ञान अपने शोध अध्ययनों से सही साबित कर रहा है। इसका उदाहरण है एक ताजा अध्ययन। इसके निष्कर्षों में…

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casteism

चाल-कुचालों के बीच क्या जातियों-समाजों का आपसी अनुबंध सनातन को बचा सकता है?

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियमों को लेकर सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी की सरकार जो तीखी आलोचना हुई, वैसी कभी देखने-सुनने को नहीं…

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delivery boys, gig workers

सोचिए, अगर दो-ढाई करोड़ युवा सड़कों पर बेरोजगार घूमते रहते, तो क्या होता!

भारत में अस्थायी कामगारों (खास तौर पर सामान की डिलीवरी करने वाले लड़के, वाहन चालक, आदि) की संख्या कितनी हे? 1.2 करोड़! और इतने सारे…

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Netanyahu

मोबाइल ‘हमें हर पल देख-सुन रहा’ है, अब सरकारें और उसके मुखिया भी मानने लगे हैं!

मोबाइल फोन हर पल हमें देख-सुन रहा है। अब यह बात सरकारें और मुखिया तक मानने लगे हैं। प्रमाण के तौर पर अभी हाल ही…

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OM Symbol, Religion

क्या हम आज जो ‘धर्माचरण’ कर रहे हैं, उससे अधर्म की अभिवृद्धि हो रही है?

नव-हिन्दुत्व के आगमन के साथ तीर्थ – धाम, मन्दिरों में दर्शनार्थियों की और कथा-प्रवचनों के आयोजनों की बाढ़ सी आई है। वैष्णवदेवी, काशी, अयोध्या, पुरी,…

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Kamkoti-cow urine

77वाँ गणतंत्र दिवस और एक सवाल-क्या ‘हम भारत के लोग’ गुलाम मानसिकता से आजाद हैं?

अंग्रेजों ने भारत को सिर्फ ऊपरी तौर पर गुलाम बनाकर नहीं रखा था। उन्होंने हमारी मानसिकता को भी गुलाम बना लिया था। इस मानसिक गुलामी…

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