प्रकृति की सीमा को, बाँध सका है कौन?मानव यत्न तो छोटा वामन, बन गया है देखो गौण।नदी प्रवाह ले डूबा जलमग्न हो गए वे घर।जिनकी…
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डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं, लेकिन उन्होंने ‘देहावसान’ को सहज स्वीकार किया है!
मुम्बई के केईएम (किंग एडवर्ड्स मेमोरियल) अस्पताल में शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) विभाग की प्रमुख रहीं डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं। पहले ही वाक्य में…
View More डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं, लेकिन उन्होंने ‘देहावसान’ को सहज स्वीकार किया है!बंगाल फाइल्स : मेरे लिए भारतीय इतिहास की किताब का एक और अनछुआ पन्ना!
मैं अपने ही देश के इतिहास के बारे में फिल्मों से जान रहा हूँ। सच कहता हूँ! मुझे बिल्कुल भी पता नहीं था कि (इतिहास…
View More बंगाल फाइल्स : मेरे लिए भारतीय इतिहास की किताब का एक और अनछुआ पन्ना!संकीर्णता और पूर्वाग्रहों से ग्रसित होकर इतिहास लेखन की प्रवृत्ति रुकनी चाहिए अब!
इतिहास की प्रकृति पूर्णतया निर्मम और निर्मोही होती है। लेकिन यह हम मनुष्यों के अधिकार में तो होता ही है कि इतिहास का तथ्य, उसका…
View More संकीर्णता और पूर्वाग्रहों से ग्रसित होकर इतिहास लेखन की प्रवृत्ति रुकनी चाहिए अब!अपशब्दों के प्रयाेग से लोकतंत्र की गरिमा को चोट पहुँचती है, राजनेता इसे क्यों नहीं समझते?
भारतीय लोकतंत्र में राजनेताओं की भाषा का स्तर लगातार गिरता जा रहा है। इसका प्रमाण है, बिहार विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान देश के प्रधानमंत्री…
View More अपशब्दों के प्रयाेग से लोकतंत्र की गरिमा को चोट पहुँचती है, राजनेता इसे क्यों नहीं समझते?इन शिक्षकों के लिए बच्चों के जीवन का मोल 50 रुपए के बराबर!! बधाई…,शिक्षक दिवस की!
हर साल की तरह इस बार भी पाँच सितम्बर को ‘शिक्षक दिवस’ मना लिया गया। बधाईयाँ दीं और ली गईं। लेकिन शिक्षा और शिक्षित होने…
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अचानक कहीं बादल फटे और पहाड़ाें से बाढ़ की सूरत में पानी ओर मिट्टी ने नीचे आकर बस्तियों की बस्तियाँ, गाँव के गाँव तबाह कर…
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क्या हम खुश हैं? यह प्रश्न अपने आप में बहुत गहराई रखता है। सच कहें तो अधिकांश लोग इसका मिला-जुला उत्तर देंगे। जीवन शायद ही…
View More हम अपने विचारों पर नियंत्रण रख सकते हैं, ये सात तरीके हैं, आजमा कर देखिएआज एआई और मशीन लर्निंग के दौर में संस्कृत भाषा फिर से चर्चा में क्यों है?
आज जब विश्व अगले चरण की औद्योगिक क्रान्ति, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और मशीन लर्निंग के दौर में प्रवेश कर चुका है, तब संस्कृत के महत्त्व…
View More आज एआई और मशीन लर्निंग के दौर में संस्कृत भाषा फिर से चर्चा में क्यों है?एक भावना, एक पत्र ‘रजिस्टर्ड डाक’ के नाम…जो सिर्फ चिट्ठी नहीं, आत्मा का दस्तावेज थी!
आगामी एक सितम्बर को भारतीय डाक की ‘रजिस्टर्ड सेवा’ औपचारिक रूप से समाप्त कर दी जाएगी। यह समाचार जितना सामान्य प्रतीत होता है, उतना है…
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