प्रिय गुल्लू मैं तुम्हें यह पत्र तब लिख रहा हूँ, जब तुम समय के रथ पर सवार होकर जीवन के 21 वर्ष पूरे कर चुकी…
View More भांजी के नाम पत्र : जीवन की निर्ममता से पार पाने के लिए अपनी हँसी को बनाए रखना होगाTag: सरोकार
वाहनों की सफेद हैडलाइटें सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही हैं, इन्हें हटाइए!
भारत में यह समस्या अब गम्भीर रूप ले चुकी है। दुनिया के कई विकसित देशों ने इस समस्या को पहले ही समझ लिया था। यूरोप,…
View More वाहनों की सफेद हैडलाइटें सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन रही हैं, इन्हें हटाइए!‘अपनों’ से बात कीजिए, संवादहीनता परिवार और समाज के लिए चुनौती बन रही है
भारतीय समाज में परिवार की भूमिका जीवन के हर पड़ाव पर महत्त्वपूर्ण होती है। लेकिन आज के व्यस्त और डिजिटल जीवन में संवादहीनता परिवार, समाज…
View More ‘अपनों’ से बात कीजिए, संवादहीनता परिवार और समाज के लिए चुनौती बन रही हैइस दशहरे पर रावण संग ‘शूर्पणखा’ भी जलेगी…इन्दौर में, जो एक सीख दे जाएगी!
दशहरा हमारे देश का अहम त्योहार है। इसे हम हर वर्ष नवरात्रि के नौ दिन पूरे होने के बाद विजयदशमी के रूप में मनाते हैं।…
View More इस दशहरे पर रावण संग ‘शूर्पणखा’ भी जलेगी…इन्दौर में, जो एक सीख दे जाएगी!अमेरिकी एच1बी वीजा महँगा हुआ, ये भारतीयों के लिए फायदेमन्द या नुकसानदेह?
भारतीयों के लिए एच1बी वीजा (अमेरिका में काम करने के लिए जाने वाले पेशेवरों को जारी किया जाता है) अब तुरन्त प्रभाव से इतिहास हो…
View More अमेरिकी एच1बी वीजा महँगा हुआ, ये भारतीयों के लिए फायदेमन्द या नुकसानदेह?‘जेन-अल्फा’ वाले बच्चों को अनुरूप तरीके से कैसे पालें? ये कुछ सुझाव हैं
‘जेन-अल्फा’ यानि जेनरेशन-अल्फा मतलब साल 2010 के बाद पैदा हुए बच्चे। ये एक ऐसी दुनिया में बड़े हो रहे हैं, जो इससे पहले की किसी…
View More ‘जेन-अल्फा’ वाले बच्चों को अनुरूप तरीके से कैसे पालें? ये कुछ सुझाव हैंहिन्दी दिवस याद दिलाता है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि…!
भारत में भाषाओं और बोलियों की बहुत विविधता है। भाषा केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि यह हमारी पहचान, संस्कृति और समाज से जुड़ने का…
View More हिन्दी दिवस याद दिलाता है कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि…!हिन्दी और भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की राह में यही ‘खण्डित मानसिकता’ बड़ी रुकावट है!
पिछले सप्ताह बहुत से सरकारी संस्थान, जिनमें कई केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय भी शामिल रहे, ‘संस्कृत महोत्सव’ मना रहे थे। जबकि कल 14 सितम्बर है, और…
View More हिन्दी और भारत की क्षेत्रीय भाषाओं की राह में यही ‘खण्डित मानसिकता’ बड़ी रुकावट है!कविता : प्रकृति की सीमा को, बाँध सका है कौन?
प्रकृति की सीमा को, बाँध सका है कौन?मानव यत्न तो छोटा वामन, बन गया है देखो गौण।नदी प्रवाह ले डूबा जलमग्न हो गए वे घर।जिनकी…
View More कविता : प्रकृति की सीमा को, बाँध सका है कौन?डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं, लेकिन उन्होंने ‘देहावसान’ को सहज स्वीकार किया है!
मुम्बई के केईएम (किंग एडवर्ड्स मेमोरियल) अस्पताल में शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) विभाग की प्रमुख रहीं डॉक्टर लोपा मेहता जीवित हैं। पहले ही वाक्य में…
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