# दरवाजे # मानो उसकी नियति थी कि कभी न कभी वह भैंसओझन से टकराएगी। फिर उसके बाद उस महाओझन (पटाला) से भी उसकी मुलाकात…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : मात्रा, ज़हर को औषधि, औषधि को ज़हर बना देती हैTag: सरोकार
अपना आउटलेट खुला रखिए, ताकि बाँध फूटने से बचा रहे
लाखों जीवन लेने वाले जर्मन तानाशाह हिटलर ने आख़िर आत्महत्या की! सुन्दर विचार देने वाले साने गुरुजी (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी) भी आत्महत्या कर लेते हैं। …
View More अपना आउटलेट खुला रखिए, ताकि बाँध फूटने से बचा रहेतीन वीडियो और ‘रील’ की एक रियल कहानी…, देखकर आँखें खुलें तो अच्छा!
आज सोशल मीडिया की रील की एक रियल कहानी और उसके तीन चरण देखिए। पहला चरण : जाल का शुरुआती आकर्षण मध्य प्रदेश के छतरपुर…
View More तीन वीडियो और ‘रील’ की एक रियल कहानी…, देखकर आँखें खुलें तो अच्छा!हैडफोन ने अल्का याग्निक से सुनने की ताक़त छीन ली, क्या अब भी हम सचेत न होंगे?
हिन्दी फिल्मों की मशहूर गायिका अल्का याग्निक को सुनाई देना बन्द हो गया है। उन्होंने ख़ुद अभी दो दिन पहले इस बारे में जानकारी दी…
View More हैडफोन ने अल्का याग्निक से सुनने की ताक़त छीन ली, क्या अब भी हम सचेत न होंगे?‘मायावी अम्बा और शैतान’ : न जाने यह उपहार उससे क्या कीमत वसूलने वाला है!
“वे चाहते थे कि वह अपना खेत फौज को बेच दे। उसने मना कर दिया। इसके बाद एक हफ्ते के भीतर उन्होंने अफवाहें उड़ा दीं।…
View More ‘मायावी अम्बा और शैतान’ : न जाने यह उपहार उससे क्या कीमत वसूलने वाला है!चैम्पियन कैसे होते हैं, क्या करते हैं, कैसे सोचते हैं…‘चैम्पियन रोजर फ़ेडरर’ से ख़ुद सुनिए
रोजर फेडरर। स्विट्ज़रलैंड के टेनिस खिलाड़ी। बचपन में कभी टेनिस कोर्ट में बॉल-ब्वाय हुआ करते थे। वह लड़का जो टेनिस खेल रहे दूसरे बड़े खिलाड़ियों…
View More चैम्पियन कैसे होते हैं, क्या करते हैं, कैसे सोचते हैं…‘चैम्पियन रोजर फ़ेडरर’ से ख़ुद सुनिएधरती के रजस्वला होने का पर्व : हम में से कितने लोग इस बारे में जानते हैं?
हमारे देश की संस्कृति और परम्पराओं का प्रकृति के साथ कितना तादात्म्य है, ‘रज-परब’ इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। यह पर्व ओडिशा या उससे लगे कुछ…
View More धरती के रजस्वला होने का पर्व : हम में से कितने लोग इस बारे में जानते हैं?‘पर्यावरण दिवस’ के नाम पर इतनी भीषण गर्मी में पेड़ लगाने का औचित्य क्या?
हाल में हुए ‘पर्यावरण दिवस’ पर जोर-शोर से ‘पेड़ लगाओ अभियान’ चला। सरकारी और गैर-सरकारी स्तर पर भी। लेकिन मुझे समझ नहीं आया कि इतनी…
View More ‘पर्यावरण दिवस’ के नाम पर इतनी भीषण गर्मी में पेड़ लगाने का औचित्य क्या?Talking-Tree : I am also a living witness of this earth
“I am tree and feeling bad, because people cut me regularly for the self fulfilment. But they forget my value towards the nature. When people…
View More Talking-Tree : I am also a living witness of this earth‘मायावी अम्बा और शैतान’ : उसे लगा, जैसे किसी ने उससे सब छीन लिया हो
अचानक बिना किसी पूर्व चेतावनी के पटाला ने अंबा के चेहरे पर पीले पराग कण छिड़क दिए। ये पराग कण इतने शक्तिशाली थे कि जहाँ…
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