सांकेतिक तस्वीर
टीम डायरी
वह कहीं से भी आ सकता है। कभी भी आ सकता है। किसी भी सूरत में आ सकता है। वह हमारे आस-पास ही कहीं घूम रहा होता है, लेकिन हम में से कोई भी उसे पहचान नहीं पाता। क्योंकि वह बिल्कुल हमारे-आपके जैसा ही दिखता है। हमारे-आपके जैसे ही तमाम क्रियाकलाप करता है। लेकिन उसके दिमाग में समानांतर रूप से एक बेहद खतरनाक मंसूबा पल रहा होता है। अचानक हमला कर के इस्लाम को न मानने वाले लोगों में से किसी को भी मार डालने का मंसूबा। जी हाँ, आतंकवाद का यह नया चेहरा है। दुनिया में इस तरह के मामलों को ‘लाेन वूल्फ अटैक’ की श्रेणी में रखा जाता है। दुनिया के अन्य देशों में इस तरह के मामले पहले सामने आ चुके हैं। भारत में पहली बार इस तरह का हमला हुआ है, ऐसी आशंका जताई जा रही है!
दरअसल, मुम्बई के मीरा रोड इलाके में एक निर्माणाधीन इमारत के दो चौकीदारों पर जानलेवा हमला किया गया है। इनमें से एक की हालत गंभीर बताई जाती है। इसी 27 अप्रैल की रात इन दोनों चौकीदारों से यूँ ही घूमते-टहलते आ रहे एक व्यक्ति ने पहले रास्ता पूछा और आगे बढ़ गया। फिर उसे न जाने का क्या सूझी कि वह पलटकर लौट आया और चौकीदारों से उनका धर्म पूछने लगा। यही नहीं, उसने एक चौकीदार से कलमा पढ़ने को भी कहा। जब वह नहीं पढ़ सका तो उस पर और उसके साथी पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। मीडिया में आई सुर्खियों की मानें तो पुलिस को यह सब प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है।
पुलिस ने हालाँकि आरोपी जैब जुबैर अंसारी को अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन मीरा रोड इलाके में ही जब उसके किराए के घर की तलाशी ली गई तो काफी-कुछ संदिग्ध मिला। बताते हैं कि उसके कमरे से आतंकियों से जुड़ा साहित्य मिला है। हाथ से लिखा एक कागज भी मिला है। उसमें उसने आतंकी संगठन ‘इस्लामिक स्टेट’ (आईएस) में शामिल होने का अपना इरादा जाहिर किया है। उसी के सिलसिले में ऐसे हमले को अंजाम देने की योजना भी लिख रखी है। उसे उसने ‘आईएस’ की तरफ अपना पहला कदम बताया है। इसी आधार पर पुलिस ने आशंका जताई है कि यह ‘लोन वूल्फ अटैक’ हो सकता है।
सोचकर देखिए, अगर मुंबई पुलिस की यह आशंका सही हुई तो? इसीलिए सावधान रहिए, सचेत रहिए, इसी से हम सबकी सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
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