जीवन में कई बार छोटी-छोटी कहानियाँ बड़ी सीख दे जाती हैं। लेकिन वे कहानियाँ सबसे सुन्दर होती हैं, जो इंसानियत का पाठ पढ़ाती हैं। इस छोटी-सी कहानी…
View More माँ की ममता, घर की विवशता और डॉक्टर का फ़र्ज़Category: चुनिन्दा पन्ने
भेदभावविनाशकं खलु दिव्यभाषा संस्कृतम्
धर्म, जाति, भाषा के नाम पर एक-दूसरे के ख़िलाफ़ खड़े होने की सूचना-सामग्री अथाह है। समाचार माध्यमों और कथित सामाजिक माध्यमों (Social Media) पर ऐसा…
View More भेदभावविनाशकं खलु दिव्यभाषा संस्कृतम्रसूख, दिल बड़ा होने से बढ़ता है या दिमाग चढ़ा होने से?
निश्चित रूप से यह एक बड़ा सवाल है कि हमारा रसूख यानि ‘स्टेटस’ सही मायने में आखिर बड़ा कैसे होता है? हमारा दिल बड़ा होने…
View More रसूख, दिल बड़ा होने से बढ़ता है या दिमाग चढ़ा होने से?शान्ति और स्थिरता व्यक्तित्व में गहराई से आती है..
अक्सर कहा जाता है, ‘गहरी नदी का बहाव हमेशा शान्त होता है।’ एकदम सही है। लेकिन क्या इसी ‘कहन’ का दूसरा पहलू ये नहीं है…
View More शान्ति और स्थिरता व्यक्तित्व में गहराई से आती है..कुमार गन्धर्व : जिनके गाए ‘निर्गुण’ से गुण-अवगुण परिभाषित कर पाता हूँ!
भारतीय मनीषा, विलक्षण संगीतकार और महान गायक पंडित कुमार गंधर्व का आज जन्मदिन है। कर्नाटक से मालवा के देवास में आ बसे। फिर यहीं जीवनभर…
View More कुमार गन्धर्व : जिनके गाए ‘निर्गुण’ से गुण-अवगुण परिभाषित कर पाता हूँ!‘मत कर तू अभिमान’ सिर्फ गाने से या कहने से नहीं चलेगा!
पूरा जीवन राय बनाने में, विचारों को संश्लित करने में, सघन अनुभूतियों की जमीन को उर्वरा बनाने में ही निकलता नज़र आ रहा है। यह…
View More ‘मत कर तू अभिमान’ सिर्फ गाने से या कहने से नहीं चलेगा!क्या हम प्रतिभाओं को परखने में गलती करते हैं?
क्या हम प्रतिभाओं को परखने में, उनका आकलन करने में गलती करते हैं? मेरे दिमाग में यह सवाल अक्सर ही आता है। बीते दो-ढाई दशक…
View More क्या हम प्रतिभाओं को परखने में गलती करते हैं?हिन्दी में लिखना ही तुम्हारी शरण अर्हता का प्रमाण है!
हिन्दी के लेखक लोग #NoToFree चला रहे हैं, माने मुफ़्त में कुछ नहीं। इसके विरोध में मेरा #YesToFree है। मैं सभी तरह के कार्यक्रमों, मंचों,…
View More हिन्दी में लिखना ही तुम्हारी शरण अर्हता का प्रमाण है!‘चारु-वाक्’…औरन को शीतल करे, आपहुँ शीतल होए!
बुद्ध दर्शन। ये परवर्ती दर्शन है। लेकिन बुद्ध दर्शन परम्परा का आदि दर्शन है, ‘चार्वाक दर्शन’। सवाल हो सकता है कि यह बौद्ध परम्परा का…
View More ‘चारु-वाक्’…औरन को शीतल करे, आपहुँ शीतल होए!जब कोई विमान अपने ताकतवर पंखों से चीरता हुआ इसके भीतर पहुँच जाता है तो…
हम सब अपने एकांत में बेहद क्रूर और दुराचारी होते हैं। भीड़ में बेहद डरपोक और शिष्ट। याद आता है कि कैसे एक शान्त नदी अपने…
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