shikayat

सुनिएगा, एक अच्छी रचना…: कैसे करूँ शिक़वा या गुज़ारिश तुमसे

जब मैंने तुमसे सिर्फ तुम्हारा समर्पण माँगा,सच कहूं तो केवल अपना सुख ही चाहा था।जो मैं सच्चा रिझवार हो जाता प्रियवर,अगन में तुम्हारी जलकर फ़ना…

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Radha Krishna

…लगी निभाने की सौगंध नहीं क्या तुम्हारी है?

तेरी नज़र जब मुझे अपने से ज़ुदा करती है मेरी नज़र तुझे भूलने की ख़ता करती है न देखा, न समझा, न सुना ही है…

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Shree Ram

राम तुम्हारे आ जाने से जाने क्यों ऐसा लगता है….

अयोध्या में 500 वर्षों की प्रतीक्षा पूरी हो गई है। जन्मभूमि पर भव्य और दिव्य राममंदिर के निर्माण का पहला चरण पूरा हो गया है।…

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old man eyes

दोबारा जन्म हुआ तो ख़ुदा से माँग के आऊँगा…

ये आवाज़ अमित साहू की है। ये जो कविता पढ़ रहे हैं, वह भी इन्हीं की है। अमित वैसे तो, भारतीय निर्यात-आयात बैंक के सबसे…

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सुनिएगा… ज़ीनत की कविता, देवांशी की आवाज़ में… Mistakes are a part of life

*Yes, mistakes are a part of life-They teach us, how to survive-They sometimes appear as a knife-But yes, they are a part of life*It is…

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DiaryWani-4

काम को संज़ीदगी से नहीं किया, तो समझो पत्ता साफ़?

कुछ लोगों की आदत होती है कि वे अपने ही काम के प्रति बहुत संज़ीदा नहीं होते। उसे चलताऊ तरीक़े से किया करते हैं। इसलिए…

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DiaryWani-3

एक-दूसरे के साथ हमारी संगत या संगति कैसी हो, इस मिसाल से समझिए!

जिसे भी देखिए, वो अपने आप में ग़ुम है। ज़ुबाँ मिली है, मगर हमज़ुबाँ नहीं मिलता।।  यह मशहूर शेर हम में अधिकांश लोगों की ज़िन्दगी की…

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ज़िन्दगी में ‘मूड’ नहीं, बल्कि हमारा ‘मूव’ मायने रखता है

हम अक्सर मूड को अपने ऊपर हावी पाते हैं। यानी जब मूड हुआ तो कोई काम करेंगे, और नहीं हुआ तो नहीं करेंगे। इससे हमेशा…

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अहम मौक़ों अपने ज़मीर की सुनिए, तारीख़ में नायक बनेंगे!

अहम मौक़ों पर अक़्सर हम ख़ुद को दोराहे पर खड़ा पाते हैं। क्या करें, क्या न करें? क्या करना चाहिए, क्या नहीं करना चाहिए? ऐसे…

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Do Chehare

,एक कविता….. ‘क़ातिल ऐशगाह!’

देर रात भूखे कुत्तों को पैकबंद फूड लिए घूमते हैं शफ़ीक़। वह बेक़सूर जानवरों के मुर्दा ज़िस्मों से बना होता है।।नेकी-पुण्य कमाने के लिए जो…

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