फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ। हिन्दुस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष। वे जो इन्दिरा गाँधी जैसी शक्तिशाली प्रधानमंत्री से आँख मिलाकर बातें करने का साहस रखते थे। वे…
View More ‘लीडर’ पैदाइशी होता है, ये सही नहीं, बनाया भी जा सकता है…सैम मानेकशॉ से सुनिए कैसे!Category: चहेते पन्ने
ज़रूर सुनिएगा…..‘It’s raining again’ एक बच्ची की कविता, दूसरी की आवाज़
दिल्ली में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली दो छोटी बच्चियों का ख़ूबसूरत प्रयास। ज़ीनत ज़ैदी की कविता और देवांशी वशिष्ठ की आवाज़। पढ़ने लायक है, …
View More ज़रूर सुनिएगा…..‘It’s raining again’ एक बच्ची की कविता, दूसरी की आवाज़‘मायावी अंबा और शैतान’ : वह घंटों से टखने तक बर्फीले पानी में खड़ी थी, निर्वस्त्र!
भीड़ हक्का-बक्का होकर उस युवा ‘डायन’ को देख रही थी। वे चाहते थे कि वह रोए। दया की भीख माँगे। जान बख्श देने के लिए…
View More ‘मायावी अंबा और शैतान’ : वह घंटों से टखने तक बर्फीले पानी में खड़ी थी, निर्वस्त्र!प्रेमचंद जी के फटे जूते देख परसाईं जी ने लिखा- तुम परदे का महत्त्व नहीं जानते, और हम…
प्रेमचंद का एक चित्र मेरे सामने है। पत्नी के साथ फ़ोटो खिंचा रहे हैं। सिर पर किसी मोटे कपड़े की टोपी, कुर्ता और धोती पहने…
View More प्रेमचंद जी के फटे जूते देख परसाईं जी ने लिखा- तुम परदे का महत्त्व नहीं जानते, और हम…प्रकृति के प्रति हम कैसे-कितने उत्तरदायी हों, ‘एपल’ कम्पनी के इस वीडियो से सीखें
प्रकृति के प्रति हम कैसे और कितने उत्तरदायी हों? कैसे समझें कि सम्पोषी (सस्टेनेबल) विकास के नाम पर हम जो प्रयास कर रहे हैं, वे…
View More प्रकृति के प्रति हम कैसे-कितने उत्तरदायी हों, ‘एपल’ कम्पनी के इस वीडियो से सीखेंलोकतंत्र में जैसे ‘नेता’ चाहिए, उसकी मिसालें सिर्फ़ गाँधी-शास्त्री तक क्यों ठहरी है?
लोकतंत्र में जिस तरह के ‘नेता’ होने की परिकल्पना की गई, वे हिन्दुस्तान तो क्या दुनियाभर में दुर्लभ हैं। हर कहीं कुछ अँगुलियों पर गिनने…
View More लोकतंत्र में जैसे ‘नेता’ चाहिए, उसकी मिसालें सिर्फ़ गाँधी-शास्त्री तक क्यों ठहरी है?संस्कृत की संस्कृति : वर्ण यानी अक्षर आखिर पैदा कैसे होते हैं, कभी सोचा है? ज़वाब पढ़िए!
संस्कृत अध्येताओं द्वारा वर्णों के शुद्ध उच्चारण के महत्त्व पर दिए उदाहरणों को मैंने कई बार देखा। इस प्रक्रिया के दौरान मन में प्रश्न उत्पन्न…
View More संस्कृत की संस्कृति : वर्ण यानी अक्षर आखिर पैदा कैसे होते हैं, कभी सोचा है? ज़वाब पढ़िए!जब हमारे माता-पिता को हमारी ज़रूरत हो, हमें उनके साथ होना चाहिए…
मैं सिर्फ़ एक ही कारण से अमेरिका से भारत लौटा। वह कारण थे, मेरे माता-पिता। अमेरिका अच्छा देश है। वहाँ आपको तरक़्क़ी के मौक़े ख़ूब…
View More जब हमारे माता-पिता को हमारी ज़रूरत हो, हमें उनके साथ होना चाहिए…#अपनीडिजिटलडायरी के तीन साल, तीन ताल जैसे… कभी भरे, कहीं खाली!
तीन साल। तीन साल हो गए। हमें जुड़े हुए। जोड़े रखते हुए। आपकी #अपनीडिजिटलडायरी के तीन साल। एक फेसबुक पेज से हुई यह छोटी-सी शुरुआत…
View More #अपनीडिजिटलडायरी के तीन साल, तीन ताल जैसे… कभी भरे, कहीं खाली!गणेशोत्सव का सन्देश : सर्जन, अर्जन और फिर विसर्जन… यही जीवन है!
इसी सोमवार, मंगलवार से देश भर में गणेशोत्सव की धूम शुरू हो गई। अब 10 दिन तक यूँ ही चलने वाली है। इस दौरान लगातार…
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