narayan murthi

हम ‘काम’ और ‘नौकरी’ में फ़र्क नहीं जानते और नारायण मूर्ति जी की निन्दा करते हैं!

अभी 26 अक्टूबर को सूचना-प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी भारतीय कम्पनी ‘इन्फोसिस’ के संस्थापक नारायण मूर्ति जी का बयान आया। इसमें उन्होंने कहा, “अगर भारत को…

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Media VS Social Media

सत्य, विश्वसनीयता और नैरेटिव पर वर्चस्व के लिए मीडिया व सोशल मीडिया की भिड़न्त शुरू

पारम्परिक मीडिया और सोशल मीडिया के बीच लोकरंजक नैरेटिव पर नियंत्रण के लिए संघर्ष शुरू हो गया है। तकाजा चूँकि सत्य का या चाहे कह…

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Pronounciation

‘संस्कृत की संस्कृति’ : मिलते-जुलते शब्दों का अर्थ महज उच्चारण भेद से कैसे बदलता है!

उच्चारण के महत्त्व को दर्शाता उदाहरण हमने पिछली कड़ी में देखा था कि एक अच्छे पाठक, वक्ता को उसी तरह शब्दों का उच्चारण करना चाहिए…

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irritation

ये ‘झल्लाहट और चिड़चिड़ाहट’ हमारे भीतर के रावण हैं, इन्हें मारिए!

‘झल्लाहट और चिड़चिड़ाहट’ से आज हर दूसरा इंसान त्रस्त मिलेगा। ये हमारे शरीर के भीतर बैठे रावण की तरह हैं। क्योंकि इनके भी 10-10 सिर…

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APP-FM

क़रीब 250-300 करोड़ की कम्पनी के पास ‘अपने राइटर्स’ को देने के लिए 28-40 पैसे, बस!

“अरे सर, राइटर्स तो हमारे नगीने हैं, नगीने। उनमें से कुछेक की लिखी हुई ऑडियो-सीरीज़ तो करोड़ों की तादाद में लोग सुन रहे हैं”, मोबाइल…

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Mayavi Amba-22

‘मायावी अंबा और शैतान’ : अच्छा हो, अगर ये मरी न हो!

चूँकि हालात उसकी बर्दाश्त से बाहर थे, उसका दिमाग तरह-तरह के ख्यालों में डूबने-उतराने लगा था। फर्श गीला था। ठंडा और बर्फीला भी। कुछ पलों…

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Sam Manekshaw

‘लीडर’ पैदाइशी होता है, ये सही नहीं, बनाया भी जा सकता है…सैम मानेकशॉ से सुनिए कैसे!

फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ। हिन्दुस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष। वे जो इन्दिरा गाँधी जैसी शक्तिशाली प्रधानमंत्री से आँख मिलाकर बातें करने का साहस रखते थे। वे…

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Raining

ज़रूर सुनिएगा…..‘It’s raining again’ एक बच्ची की कविता, दूसरी की आवाज़

दिल्ली में 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली दो छोटी बच्चियों का ख़ूबसूरत प्रयास। ज़ीनत ज़ैदी की कविता और देवांशी वशिष्ठ की आवाज़। पढ़ने लायक है, …

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Mayavi Amba-21

‘मायावी अंबा और शैतान’ : वह घंटों से टखने तक बर्फीले पानी में खड़ी थी, निर्वस्त्र!

भीड़ हक्का-बक्का होकर उस युवा ‘डायन’ को देख रही थी। वे चाहते थे कि वह रोए। दया की भीख माँगे। जान बख्श देने के लिए…

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Premchand

प्रेमचंद जी के फटे जूते देख परसाईं जी ने लिखा- तुम परदे का महत्त्व नहीं जानते, और हम…

प्रेमचंद का एक चित्र मेरे सामने है। पत्नी के साथ फ़ोटो खिंचा रहे हैं। सिर पर किसी मोटे कपड़े की टोपी, कुर्ता और धोती पहने…

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