Holi-Radha Krishn

होरी खेलै नन्द को लाल, मैं वारी-वारी…

आज रंग-पंचमी है। होली के उत्सव का चरम। इस मौके पर एक खूबसूरत कवित्त की कुछ लाइनें देखिए… होरी खेलै नन्द को लाल, मैं वारी-वारी। …

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Pratapgarh

शिवाजी महाराज : खान का कटा हुआ सिर देखकर आऊसाहब का कलेजा ठंडा हुआ

अफजल खान का सिर महाराज ने राजगढ़ को रवाना किया। फतह की खबरें आऊसाहब के पास पहुँच गई। खबरें खुशियों के रंग बिखेरतीं आऊसाहब के…

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Food Wastage

अनाज की बरबादी : मैं अपने सवाल का जवाब तलाशते-तलाशते रुआसी हो उठती हूँ

जब मैं देखती हूँ लोगों को कचरे में रोज़ खाना फेंकते हुए, तो सोच में पड़ जाती हूँ। क्या भोजन की कीमत सिर्फ कुछ रुपए…

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Satish Kaushik ji

“फूलै फूलै चुन लिए, काल्ह हमारी बार…” सतीश कौशिक जी… सादर नमन्

‘वो सात दिन’ में अपना काम करके अनन्त यात्रा पर निकल ही गया बन्दा आख़िर। एक दिन हमें भी यह सब छोड़कर जाना ही है।…

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Rang Saari-Vaishnawi

रंगी सारी गुलाबी चुनरिया रे….

‘अपनी डिजिटल डायरी’ की ओर से सभी पाठकों, दर्शकों, श्रोताओं को होली की अनन्त शुभकामनाएँ। इन शुभकामनाओं को और रंगीन किया है, भोपाल की वैष्णवी…

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Shivaji-Navy

शिवाजी ‘महाराज’ : राजे को तलवार बहुत पसन्द आई, आगे इसी को उन्होंने नाम दिया ‘भवानी’

शिवाजी राजे का ध्यान अब कोंकण किनारे पर लगा हुआ था। उन्हें साफ नजर आ रहा था कि पश्चिम का यह सिन्धु सागर स्वराज्य-सत्ता के…

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Awadh-Holi

अवध में होरी : माता सीता के लिए मना करना सम्भव न था, वे तथास्तु बोलीं और मूर्छित हो गईं

अवध में उत्सव की तैयारी हो रही थी। होली को अब बस केवल तीन दिन ही शेष बचे थे। राजा दशरथ जी के महल में…

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Shri Krishn

जो रस बरस रहा बरसाने, सो रस तीन लोक में न

पूरे बरसाने गाँव में रंग बरस रहा था। लेकिन गोपियों की दृष्टि नन्दगाँव वाली पगडंडी की ओर लगी थी। कृष्ण की प्रतीक्षा में गोपियों की…

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ideological-struggle

दुश्मनी जम कर करो लेकिन ये गुंजाइश रहे….

सोशल मीडिया और फोन पर सम्पर्क ठीक है, लेकिन सीखने-समझने के लिए आमने-सामने की मुलाकात और बातचीत करना बहुत जरूरी है। कल शाम को ऐसी…

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Shahaji-Raje

शिवाजी ‘महाराज’ : “दगाबाज लोग दगा करने से पहले बहुत ज्यादा मुहब्बत जताते हैं”

शिवाजी राजे के कारनामों की खबरें बीजापुर पहुँच गई। यह नेक काम किया सुभानमंगल किले के किलेदार मियाँ रहीम अहमद ने। बगावत की खबरें सुनकर…

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