भारतीय संस्कृति में समस्त विद्याओं का स्रोत यानि पैदा होने का स्थान वेद को माना जाता है। इसीलिए यह निश्चित है भारतीय दर्शन का मूल…
View More भारतीय दर्शन की उत्पत्ति कैसे हुई होगी?Category: चहेते पन्ने
महिला जब इरादा ठान लेती है, तो सबको उसके साथ कदमताल करनी पड़ती है!
महान् गुणों से ओत-प्रोत महिलाएँ समर्थ थीं, हैं और रहेंगी भी। क्योंकि उनमें तमाम विपरीतताओं के बावज़ूद उस सामर्थ्य को हासिल कर लेने का इरादा…
View More महिला जब इरादा ठान लेती है, तो सबको उसके साथ कदमताल करनी पड़ती है!खोल दो बन्धन इनके, हर मंज़िल पा जाएँगी!
माँ अब बदल रही है। पर कितनी, कहाँ। और कहाँ नहीं। वक़्त के साथ उसका बदलना कितना ज़रूरी है। इस कविता में ऐसे कुछ पहलू…
View More खोल दो बन्धन इनके, हर मंज़िल पा जाएँगी!…पर उल्टा भी है- वृक्ष जब फलों से लद जाता है तो झुकता है!
#अपनीडिजिटलडायरी पर पढ़ा… “झुकन झुकन से जानिए, झुकन झुकन पहचान। तीन जनें जादा (ज़्यादा) झुकें, चीता चाेर कमान।” बढ़िया लिखा है… और जो लिखा गया है,…
View More …पर उल्टा भी है- वृक्ष जब फलों से लद जाता है तो झुकता है!राज्यसभा टीवी : सूचना, मनोरंजन और ज्ञान का गुलदस्ता ; क्यों हमें इसके बन्द होने पर चिन्ता होनी चाहिए?
सवेरे-सवेरे दफ्तर के लिए घर से निकला। रास्ते में फेसबुक खोला तो इरफ़ान सर की पोस्ट देखी। वहीं से पता चला कि राज्यसभा टीवी बन्द…
View More राज्यसभा टीवी : सूचना, मनोरंजन और ज्ञान का गुलदस्ता ; क्यों हमें इसके बन्द होने पर चिन्ता होनी चाहिए?सोचना ज़रूरी है कि दिशा रवि मामले में आधी-अधूरी रिपोर्टिंग क्यों हुई?
पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि मामले में फैसला आए तीन दिन बीत गए हैं। मैंने इसे अभी-अभी तीन दिन किया है। पहले यहाँ दो दिन लिखा था।…
View More सोचना ज़रूरी है कि दिशा रवि मामले में आधी-अधूरी रिपोर्टिंग क्यों हुई?वो बूढ़ी औरत… नाम उसका ‘गरीबी’
पिछले दिनों एक साक्षात्कार के सिलसिले में लोकसभा जाना हुआ। इसकी आरम्भ सीमा के पास ही एक बूढ़ी औरत बैठी रो रही थी। उन्हें देखकर…
View More वो बूढ़ी औरत… नाम उसका ‘गरीबी’श्रीराम मंदिर के धन संग्रह अभियान पर सवाल क्यों हैं?
लेखक नरेश मेहता ने अपनी ‘उत्तर कथा’ में स्वतंत्रता संग्राम के दौरान कांग्रेस के गर्म और नर्म दल की नीति का विश्लेषण किया है। उसमें…
View More श्रीराम मंदिर के धन संग्रह अभियान पर सवाल क्यों हैं?जहाँ सिंह, वही सिंहासन
अभी हाल में एक तस्वीर सामाजिक मंचों (सोशल मीडिया) पर तेजी से प्रसारित हुई। इसमें एक सिंह सामान्य घरेलू सोफे पर बैठा दिखाई दिया। तस्वीर…
View More जहाँ सिंह, वही सिंहासनप्यार को आसरा देने वाले का किस्सा
कहने को तो यह एक बोध-कथा है। लेकिन गौर करें तो सम-बोधकथा सी लगेगी। ऐसी जो समान रूप से हमारी भावनाओं, संवेदनाओं को सम्बोधित करती…
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