Shri Bhaktmal

‘सरल भक्तमाल’-6…: नाभादास के सौ साल बाद प्रियादास हुए, फिर यह ग्रंथ दोनों का कैसे?

जय जय श्री राधे श्री राधाकृष्णार्पणम् अस्तु…, श्री राधाकृष्णाभ्याम् नम:। श्री राधा-कृष्ण को समर्पित। श्री राधा-कृष्ण को प्रणाम।  —– नोट : यह श्रृंखला गीता प्रेस…

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