जनगणना-2027 : निर्धारित 15 दिन में अपनी गणना खुद कर लें, वक्त बचेगा, सुविधा होगी!

अनुज राज पाठक, दिल्ली

राष्ट्र की समृद्धि के लिए योजनाएँ तभी बन सकती हैं, जब प्रत्येक नागरिक से जुड़े हर तरह के आँकड़े व जानकारियाँ नीति-निर्माताओं के पास हों। इसी दृष्टि से जनगणना-2027 की प्रक्रिया संचालित की जा रही है। देश की राजधानी दिल्ली सहित लगभग पूरे देश में इसके लिए अभी स्व-गणना (SELF ENUMERATION) की प्रक्रिया शुरू हुई है। इसमें हम अपनी भागीदारी खुद सुनिश्चित कर सकते हैं। इसके लिए एक से 15 मई तक का समय (दिल्ली, महाराष्ट्र, मेघालय, राजस्थान, और झारखण्ड के लिए) तय है। इसी तरह अन्य सभी राज्यों में भी स्व-गणना के लिए 15-15 दिन की अलग-अलग अवधि निर्धारित है। जनगणना पोर्टल पर इस संबंध में पूरी जानकारी उपलब्ध है। इस क्रम में आगे जहाँ-जहाँ स्वगणना की अवधि पूरी हो जाएगी, वहाँ अगले चरण में सरकारी कर्मचारी घर-घर पहुँचकर जनगणना करेंगे, या जिन्होंने गणना खुद कर ली है, उसकी पुष्टि करेंगे।

इसमें गौर करने की बात यह है कि अगर हम निर्धारित 15 दिन की अवधि के भीतर अपनी गणना खुद कर लेते हैं, तो इससे न सिर्फ हमें सुविधा होगी, बल्कि हमारा अपना और सरकारी कर्मचारियों का समय भी बचेगा। तो अब प्रश्न हाे सकता है कि अपनी स्वयं की गणना करें कैसे? इसके लिए केन्द्र सरकार के जनगणना विभाग ने ऑनलाइन प्रक्रिया निर्धारित की है। वह चरण-दर-चरण कुछ इस प्रकार है, देखिएगा… 

1 – अधिकृत पोर्टल – se.census.gov.in पर जाकर अपना मोबाइल नंबर डालिए। ओटीपी आएगा, उसके माध्यम से लॉग-इन कीजिए।   

2 – अपना राज्य, जिला और स्थानीयता (लोकैलिटी) का विवरण चुनकर दर्ज कीजिए। 

3 – डिजिटल मानचित्र पर अपने घर का स्थान (लोकेशन) चिह्नित कर के दर्ज कीजिए। 

4 – पूछे गए प्रश्नों के उपयुक्त उत्तर देते हुए मकान और परिवार से सम्बन्धित जानकारियाँ भरिए। 

5 – काम पूरा होने के बाद सबमिट कीजिए। इसके बाद एक एसई आईडी मिलेगी, जो 12 अंकों की होगी। 

6 – एसई आईडी मोबाइल पर मैसेज के जरिए और ई-मेल (अगर दिया है तो) पर आएगी। उसे सम्भाल कर रखिए। 

यूँ स्व-गणना की प्रक्रिया आपकी तरफ से पूरी हो जाएगी। फिर इसके बाद जनगणना के काम में लगाए गए सरकारी कर्मचारी घर-घर पहुँचेंगे। उन्हें बस, अपनी एसई आईडी बतानी होगी। वे सभी जानकारियाँ क्रॉस चैक कर के उसकी पुष्टि कर देंगे। इस तरह, सुविधाजनक तरीके से काम हो जाएगा, वह भी कम समय में। 

अन्यथा, जब जनगणना करने वाले कर्मचारी आएँगे, तो उनके साथ बैठकर एक-एक जानकारियाँ दर्ज करानी होंगी। क्योंकि जनगणना-प्रक्रिया हर नागरिक के लिए अनिवार्य है। जाहिर तौर पर इससे वक्त अधिक लगेगा, और थोड़ी सी असुविधा भी हो सकती है। लिहाजा, इससे बचने के लिए स्व-गणना की सुविधा का लाभ उठाने में ही समझदारी है। 

हाँ, एक बात और। हमें विशेष रूप से ध्यान रखना है कि जनगणना की प्रक्रिया में किसी भी नागरिक से ओटीपी तथा बैंक से संबंधित जानकारी नहीं माँगी जाएगी। न ऑनलाइन प्रक्रिया में और न घर पर जनगणना करने वाले कर्मचारियों के आने के समय। यानि अगर कोई आपसे ऐसी जानकारियाँ माँग रहा है, तो सचेत हो जाइए क्योंकि वह धोखेबाज होगा, जो ऐसा करेगा। याद रखिए, सतर्कता में ही सुरक्षा है। 

—— 

(नोट : अनुज राज पाठक दिल्ली में संस्कृत विषय के शिक्षक हैं। #अपनीडिजिटलडायरी की स्थापना से ही साथ जुड़े सदस्यों में शामिल हैं। अच्छे लेख और कविताएँ लिखते हैं। कभी-कभी श्रृंखलाबद्ध लेखन भी करते हैं।)

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