अमेरिकी एच1बी वीजा महँगा हुआ, ये भारतीयों के लिए फायदेमन्द या नुकसानदेह?

निकेश जैन, इन्दौर मध्य प्रदेश

भारतीयों के लिए एच1बी वीजा (अमेरिका में काम करने के लिए जाने वाले पेशेवरों को जारी किया जाता है) अब तुरन्त प्रभाव से इतिहास हो गया है। बीती रात जब भारतीय लोग सो रहे थे, अमेरिका में एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किए गए। इसके जरिए अमेरिकी सरकार ने इस वीजा की फीस बढ़ाकर एक लाख डॉलर कर दी है। जी हाँ, एक लाख डॉलर (भारतीय रुपए में 88 लाख रुपए लगभग) सालाना। पहले यह फीस दो हजार डॉलर (1,76 हजार रुपए के करीब) थी। उसे भी अमूमन एमजाॅन, या विप्रो जैसे नियोक्ता (कम्पनियाँ) चुकाते थे। 

स्पष्ट है कि वे (अमेरिकी प्रशासन) नहीं चाहते कि विदेशी कामकाजी लोग अमेरिका आएँ। तो इस कदम का भारत पर क्या असर होगा? क्योंकि अमेरिका में बड़ी तादाद में एच1बी वीजा पर भारतीय काम करते हैं? जवाब है कि असर बड़ा होगा। कम समय में थोड़ा नकारात्मक, और दूर की साेचें तो सकारात्मक!  

नकारात्मक असर यह है कि सभी एच1बी वीजा धारकों को चिन्ता होने वाली है क्योंकि उन्हें अपने वीजा का अगर नवीनीकरण कराना है तो सालभर के लिए एक लाख डॉलर का शुल्क अदा करना होगा। और अमेरिका जाकर काम करने के इच्छुक नए कामकाजी लोग तो शायद इस वीजा के लिए आवेदन ही नहीं करेंगे। ऐसे में, एच1बी वीजा पर आधारित व्यवसाय मॉडल भी बुरी तरह प्रभावित होने वाले हैं। कैसे?

एक उदाहरण एमजॉन का लेते हैं। इस एक कम्पनी को ही 2025 की पहली छमाही में 12,000 एच1बी वीजा का अनुमोदन मिल चुका है। इसके बाद अब क्या कम्पनी से और अधिक वीजा आवेदन लगाए जाएँगे? मुझे सन्देह है। यही स्थिति इन्फोसिस, विप्रो, जैसी अन्य कम्पनियों में भी होने वाली है। 

तो फिर इस घटनाक्रम का सकारात्मक असर क्या है? भारत से प्रतिभाओं का पलायन रुक जाएगा। भारत में ऊँची पढ़ाई करने के बाद जो पेशेवर अमेरिका जाकर वहाँ अपनी प्रतिभा, शिक्षा, कौशल का लाभ देते हैं, वे आला उत्पाद बनाने के लिए अपना कौशल भारत में लगाएँगे। ऐसा होगा, और जल्दी होगा। भारत के सॉफ्टवेयर पारिस्थितिक तंत्र (इकोसिस्टम) को अब ठीक-ठाक मूल्य पर उन तमाम भारतीय दिमागों का लाभ मिलेगा, जो पहले दूसरे देश को अपनी क्षमताओं का फायदा दे रहे थे। वे अब भारत में निर्माण शुरू करेंगे।   

हालाँकि भविष्य में कितना लाभ होगा, इसका कोई सटीक आँकड़ा या तथ्य देना अभी जल्दबाजी होगी। लेकिन यह तय मानिए कि भारत के लिए अवसर आ चुका है। उसे अब लाभ लेना है।

क्या लगता है? 

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निकेश का मूल लेख

𝗛𝟭𝗕 𝘃𝗶𝘀𝗮 𝗶𝘀 𝗵𝗶𝘀𝘁𝗼𝗿𝘆 𝗳𝗼𝗿 𝗜𝗻𝗱𝗶𝗮𝗻𝘀 𝘄𝗶𝘁𝗵 𝗶𝗺𝗺𝗲𝗱𝗶𝗮𝘁𝗲 𝗲𝗳𝗳𝗲𝗰𝘁!!

With an executive order signed while Indians were sleeping last night, US government has imposed an outrageous 𝗳𝗲𝗲 𝗼𝗳 $𝟭𝟬𝟬,𝟬𝟬𝟬 – yes, $100K fee for H1B application!!!

Just to put things in perspective this fee used to be around $𝟮𝟬𝟬𝟬 typically paid by employer e.g. Amazon, or Wipro.

Clearly they don’t want foreign workers to come to US.

Implications on India?

HUGE!!!

Negative in short term but POSITIVE in long term.

All H1B visa holders in US will be worried now because their renewal will cost $100K. The new H1B will not get applied due to this high fee. Business models will get disrupted.

For example Amazon (AWS) alone got 12,000 H1B approval in 1st half of this year! Will they apply for more? I doubt it. Same goes for Infosys and Wipro or services companies in India.

What’s the positive for India?

Brain drain will stop and some of these smart people will start building similar cutting edge products from India. In general India software eco system will get access to Indian brains at a reasonable cost to build in India.

It’s too early to predict how exactly it will play out but one thing is for sure -India has arrived!

Thoughts? 

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(निकेश जैन, कॉरपोरेट प्रशिक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली कंपनी- एड्यूरिगो टेक्नोलॉजी के सह-संस्थापक हैं। उनकी अनुमति से उनका यह लेख अपेक्षित संशोधनों और भाषायी बदलावों के साथ #अपनीडिजिटलडायरी पर लिया गया है। मूल रूप से अंग्रेजी में उन्होंने इसे लिंक्डइन पर लिखा है।)

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