पूर्व सेनाध्यक्ष सैम मानेकशॉ को उनकी बहादुरी की वजह से ही ‘सैम बहादुर’ कहा जाता था।
टीम डायरी
फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ। हिन्दुस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष। वे जो इन्दिरा गाँधी जैसी शक्तिशाली प्रधानमंत्री से आँख मिलाकर बातें करने का साहस रखते थे। वे जिन्होंने सही मायने में नैतिक और शारीरिक साहस का परिचय दिया। वह भी अपनी ही मिसालों के साथ। वे जिन्होंने राजनैतिक सत्ता के सामने ‘न’ भी कहा तो इस तार्किकता के बलबूते कि कोई भी उनकी बात टाल नहीं सका। वे ‘सैम बहादुर’ इस वीडियो में तमाम उदाहरणों के साथ बता रहे हैं कि नेता और नेतृत्त्व के गुण क्या होते हैं। क्या होने चाहिए।
इस वीडियो में ‘सैम बहादुर’ उस लोकप्रिय थ्योरी को भी काटते सुने जा सकते हैं, जिसमें कहा जाता है कि ‘लीडर जन्मजात’ होते हैं, बनाए नहीं जा सकते। फील्ड मार्शल कहते हैं कि सामान्य समझ वाला कोई भी इंसान उनके हवाले कर दिया जाए, वे उसे एक अच्छे ‘लीडर’ में ढाल सकते हैं। पूरा वीडियो सुनने लायक है। सोचने-समझने लायक भी।
—–
नोट : मुंबई के सेंट जेवियर्स कॉलेज में हुए कार्यक्रम का यह वीडियो #अपनीडिजिटलडायरी पर जागरुकता के प्रसार के उद्देश्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। इस वीडियो पर डायरी का कोई कॉपीराइट का दावा नहीं है। इससे जुड़े सभी अधिकार उन्हीं (सम्भवत: सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुम्बई) के पास सुरक्षित हैं, जिन्होंने यह वीडियो मूल रूप से बनाया है।
"अपने बच्चों को इतना मत पढ़ाओ कि वे आपको अकेला छोड़ दें!" अभी इन्दौर में जब… Read More
क्रिकेट में जुआ-सट्टा कोई नई बात नहीं है। अब से 30 साल पहले भी यह… Read More
जी हाँ मैं गाँव हूँ, जो धड़कता रहता है हर उस शख्स के अन्दर जिसने… Read More
अभी 30 मार्च को हिन्दी महीने की तिथि के हिसाब से वर्ष प्रतिपदा थी। अर्थात्… Read More
आज चैत्र नवरात्र का प्रथम दिवस। स्वतंत्रता पश्चात् ऐसे कई नवरात्र आए भगवती देवी की… Read More
अद्भुत क़िस्म के लोग होते हैं ‘राज करने वाले’ भी। ये दवा देने का दिखावा… Read More