देश के अगर एक प्रतिभाशाली पेशेवर ने भारत छोड़ने का फैसला किया है, तो सच्चाई यह भी है कि इस तरह के 10 लोगों ने…
View More दूसरे देशों में गए भारतीय पेशेवर भारत लौटे भी, तो क्या सच में कोई लाभ होगा?Author: From Visitor
जनगणना-2027 : सचेत रहिए, सही जानकारी ही हमारी और हमारे परिवार की सुरक्षा करेगी
वर्ष 2009 का था। नई-नई नौकरी लगी थी। तब हमें यह पता भी नहीं था कि नौकरी में पढ़ाने के अलावा कई और कार्य भी…
View More जनगणना-2027 : सचेत रहिए, सही जानकारी ही हमारी और हमारे परिवार की सुरक्षा करेगीमध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम का वेतन घोटाला इन्दौर या 50 लाख रु. तक सीमित नहीं
मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के इन्दौर कार्यालय में
View More मध्य प्रदेश सड़क परिवहन निगम का वेतन घोटाला इन्दौर या 50 लाख रु. तक सीमित नहींभारतीय परम्परा से जुड़े विषयों में न्यायालय और सरकार अक्सर विरुद्ध क्यों दिखते हैं?
वर्ष 2018 में उच्चतम न्यायालय ने सबरीमाला मंदिर में मासिक धर्म के दौरान भी महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी थी। यद्यपि इस फैसले का…
View More भारतीय परम्परा से जुड़े विषयों में न्यायालय और सरकार अक्सर विरुद्ध क्यों दिखते हैं?झूठी बात बेधड़क…देश का ‘सबसे बड़ा हिन्दी समाचार-पत्र’ कहने वाले अखबार का कारनामा!
ये लीजिए, देश जाने-माने संस्कृत विद्वान नित्यानंद मिश्र जी का एक और वीडियो। इसमें उन्होंने उस अखबार की समझ और सोच को उजागर किया है,…
View More झूठी बात बेधड़क…देश का ‘सबसे बड़ा हिन्दी समाचार-पत्र’ कहने वाले अखबार का कारनामा!सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी में भारतीय संस्कृति की समझ और शत्रु-बोध की कमी है क्या?
भारत के सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी जी ने हाल ही में कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना उस समय हमला नहीं करती…
View More सेना प्रमुख उपेंद्र द्विवेदी में भारतीय संस्कृति की समझ और शत्रु-बोध की कमी है क्या?गायों की रक्षा-सुरक्षा के लिए क्या हम 27 अप्रैल को तहसील कार्यालय तक भी नहीं जा सकते?
कोई चाहे या न चाहे, माने या न माने, भारत का भाग्य गौमाता से अभिन्न रूप से जुड़ा हुआ है। धर्म-मार्ग से फिसलते जनमानस को…
View More गायों की रक्षा-सुरक्षा के लिए क्या हम 27 अप्रैल को तहसील कार्यालय तक भी नहीं जा सकते?वो भी क्या दिन थे, ये भी क्या दिन हैं, …क्योंकि वक्त हमेशा बदलता है!
महज 90 दिन के भीतर 14 लाख सालाना से 28 लाख तक! यह साल 2020 की बात है। वो भी क्या दिन थे!! उसकी तत्कालीन…
View More वो भी क्या दिन थे, ये भी क्या दिन हैं, …क्योंकि वक्त हमेशा बदलता है!जब विश्वशक्तियाँ ऊर्जा के लिए युद्ध लड़ें, भारत इसी मकसद से खेतों की ओर लौटे
इतिहास के कुछ क्षण ऐसे होते हैं जो एक साथ अनेक सत्य उद्घाटित कर देते हैं। जब तीन जनवरी 2026 को अमेरिकी सैन्य अभियान ने…
View More जब विश्वशक्तियाँ ऊर्जा के लिए युद्ध लड़ें, भारत इसी मकसद से खेतों की ओर लौटेमाहवारी के दौरान अनिवार्य छुट्टी से इंकार जैसा फैसला सबरीमला मामले में क्यों नहीं?
वर्ष 2018 में उच्चतम न्यायालय ने सबरीमाला मंदिर में मासिक धर्म के दौरान भी महिलाओं के प्रवेश की अनुमति दी। अत्यधिक विरोध के बाद विषय…
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